होली पर यात्रियों को ताज और इंटरसिटी एक्सप्रेस का लाभ नहीं मिल सकेगा। यह दोनों गाड़ियां 15 दिसंबर से 31 मार्च तक के लिए निरस्त चल रही हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि कोहरे के मद्देनजर ट्रेनों को 105 दिनों के लिए निरस्त किया गया है। चूंकि, इन गाड़ियों में बैठने को आराम से जगह मिल जाती है, इसलिए त्योहार पर इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इससे यात्रियों की दिक्कतें बढ़ना तय हैं।
सुबह 6.15 बजे झांसी से लखनऊ के लिए इंटरसिटी चलती है। इस ट्रेन को रास्ते में चिरगांव, मोंठ, एट, उरई, कालपी, पुखरायां, गोविंदपुरी, कानपुर सेंट्रल और उन्नाव जंक्शन पर ठहराव दिया गया है। यह ट्रेन 293 किलोमीटर की दूरी तय करके दोपहर 12.05 लखनऊ सेंट्रल स्टेशन पहुंचती है। वापसी में यह गाड़ी लखनऊ से शाम 4.40 बजे चलकर झांसी रात 10.30 बजे आती है। इसी तरह, दोपहर 3.20 बजे झांसी से नई दिल्ली के लिए ताज एक्सप्रेस का संचालन होता है। यह ट्रेन 410 किलोमीटर की दूरी तय करके रात 10.25 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। नई दिल्ली से यह ट्रेन सुबह 6.45 बजे चलकर दोपहर 2.10 बजे झांसी आती है। इस ट्रेन को रास्ते में दतिया, डबरा, ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा, राजा की मंडी, मथुरा, फरीदाबाद और निजामुद्दीन स्टेशन पर ठहराव दिया गया है।
दरअसल, बुंदेलखंड के गरीब और माध्यम वर्र्ग के यात्रियों के लिए यह दोनों ट्रेनें बेहद सुविधाजनक मानी जाती हैं। इन ट्रेनों में अंतिम वक्त तक आरक्षण मिल जाता है। त्योहार पर इन ट्रेनों से झांसी आने और जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा सफर करते हैं। मगर, इस बार होली पर इन ट्रेनों का लाभ रेलवे बोर्ड के तुगलकी फरमान के कारण लोगों को नहीं मिल सकेगा। कोहरे के मद्देनजर यह दोनों ही गाड़ियां 31 मार्च तक के लिए निरस्त चल रही हैं। साथ ही ग्वालियर बरौनी मेल भी 14, 18, 21, 25 और 28 मार्च को निरस्त रहेगी।
रेलवे बोर्ड के आदेश पर इन ट्रेनों का संचालन निरस्त किया गया है। एक अप्रैल से इनका संचालन शुरू हो जाएगा। - मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
30 दिन पहले मिलता है आरक्षण
सुपरफास्ट और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा के 120 दिन पहले तक आरक्षण मिलने लगता है। जबकि ताज एक्सप्रेस और इंटरसिटी में चेयरकार की व्यवस्था होने से 30 दिन पहले ही आरक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इससे इन ट्रेनों में चार महीने पहले से आरक्षण कराने की परेशानी नहीं रहती।
मैं मानता हूं कि कोहरे के मद्देनजर इन ट्रेनों को निरस्त किया गया है। मगर, जब कोहरा पड़ा ही नहीं तो इन ट्रेनों का संचालन फरवरी में शुरू कर देना चाहिए था। यात्री बहुत परेशान हो रहे हैं। - राजीव बबेले, बाहर उन्नाव गेट।
कंपनी के काम की वजह से दिल्ली से झांसी आना पड़ता है। जब से ताज एक्सप्रेस ग्वालियर से झांसी के बीच निरस्त हुई है। तब से पहले दिल्ली से ग्वालियर और फिर ट्रेन बदलकर झांसी आना पड़ता है। - देव, ग्वालियर।
पिछले डेढ़ महीने से मौसम साफ चल रहा है, इसके बाद भी इन ट्रेनों का संचालन न होने का कोई मतलब नहीं है। इससे यात्री तो परेशान हो ही रहे है, रेलवे राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है। - मनोज कुमार राजपूत, शिवपुरी।