हरे और ठंड के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है। बुधवार को ताज एक्सप्रेस और एपी संपर्क क्रांति निरस्त कर दी र्गइं और दस से अधिक ट्रेनें तीन घंटे से अधिक देरी से आईं।
अभी ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण वे अपने प्रारंभिक स्टेशन से समय पर नहीं चल पा रही हैं, इससे अभी हालात सामान्य होने में दो दिन का समय लग सकता है। इधर, बुधवार को निजामुद्दीन से झांसी के बीच चलने वाली ताज एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। चूंकि, बुंदेलखंड के यात्रियों के लिए दिल्ली जाने के लिए यह गाड़ी सबसे सुलभ मानी जाती है। मजबूरन यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए दूसरी सवारी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा। इस कारण देरी से चल रही दिल्ली की तरफ जाने वाली पंजाब मेल, झेलम एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस आदि गाड़ियों के जनरल कोच में पैर रखने की जगह नहीं रही। विशाखापटनम से नई दिल्ली जाने वाली एपी संपर्क क्रांति भी निरस्त रही।
दिल्ली की ओर से आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस, पठान कोट एक्सप्रेस, दक्षिण एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति, नई दिल्ली जबलपुर एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें दो से पांच घंटे लेट आई। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया। साथ ही आरक्षण निरस्त कराने वाले यात्रियों को पूरा किराया लौटाया गया।
स्टेशन पर प्रतीक्षालय ठसाठस
कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी ने स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ा दी है। यात्री प्रतीक्षालय ठसाठस हैं। ठंड में लोगों को रात खुले में बितानी पड़ रही है। आलम यह है कि शौचालय उपयोग के लिए लाइन लगानी पड़ रही है। स्टेशन पर खाने-पीने तक की परेशानी हो रही है। मालूम हो कि, झांसी रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख स्टेशनों में शुमार है। यात्रियों को चारों दिशाओं की ओर यहां से ट्रेनें सुगमता से मिल जाती हैं। प्रतिदिन झांसी से बीना, भोपाल और इटारसी की ओर 67, ग्वालियर, आगरा व दिल्ली की ओर 67, कानपुर की तरफ 28 व इलाहाबाद की तरफ 12 गाड़ियां उपलब्ध हैं।