संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिले में हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर एक बार फिर कवायद शुरू हो गई है। पिछले दिनों मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में जिला प्रशासन ने जिले के चार स्थलों को चिह्नित करने की जानकारी उपलब्ध कराई थी। इसमें टहरौली खास की भूमि को हवाई अड्डे के निर्माण के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। अब इस भूमि पर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की सहमति मिलती है तो जल्द काम शुरू हो जाएगा।
जनपद में पिछले करीब डेढ़ दशक से हवाई अड्डे के निर्माण की मांग चल रही है। इसे लेकर ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी के अलावा सदर क्षेत्र एवं झांसी-कानपुर रोड के अलावा बीडा में भी हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर भूमि चिह्नित की गई थी। इसके बावजूद, हवाई अड्डे निर्माण के लिए भूमि मुफीद नहीं पाई गई। इधर, सात नवंबर को प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ जिला प्रशासन की वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में यहां के अफसरों ने जनपद के चार स्थलों को चिह्नित कर हवाई अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। इसमें तहसील टहरौली एवं झांसी सदर के दो-दो स्थलों का प्रस्ताव शासन को भेजा गया।
शासन ने इसमें पहली वरीयता तहसील टहरौली के गाडीकरगांव बघेरा में 598.225 हेक्टेयर भूमि को दी है। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने बताया कि पिछले दिनों हवाई अड्डे की भूमि को लेकर बैठक हुई थी। टहरौली स्थित भूमि का डायरेक्टोरेट जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) की कमेटी निरीक्षण कर सहमति देती है तो काम शुरू हो जाएगा।