अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में इस बार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर फिर निकायों की रैंकिंग जारी की जाएगी। 20 हजार से कम आबादी वाले शहर से लेकर 10 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले निकायों का वर्गीकरण किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए इसी महीने झांसी में केंद्रीय टीम आएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 तक आबादी के हिसाब से शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में रैंकिंग जारी की जाती थी। इसमें एक से तीन लाख, तीन से 10 लाख, 10 से 40 लाख और 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का वर्गीकरण किया गया था। पिछले साल एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों की एक साथ रैंकिंग जारी की गई थी। ऐसे में स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में झांसी की ऑल इंडिया रैंक 96वीं और प्रदेश में 14वीं रैंक आई थी। इस बार बहुत छोटे से शहरों को 20 हजार से कम आबादी, छोटे शहरों में 20 से 50 हजार जनसंख्या, मध्यम शहर में 50 हजार से तीन लाख, बड़े शहरों में तीन लाख से 10 लाख, बहुत बड़े शहरों में दस लाख से ज्यादा आबादी वाली श्रेणी में बांटा गया है। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर इसी महीने टीम निरीक्षण करने आएगी। सर्वेक्षण की तैयारियां पूरी हैं।
9500 अंकों का होगा सर्वेक्षण, ट्रिपल आर थीम तय
स्वच्छता सर्वेक्षण 9500 अंकों का होगा। इसमें 60 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस, 26 प्रतिशत अंक सर्टिफिकेशन एवं 14 प्रतिशत अंक आम लोगों की सहभागिता पर दिए जाएंगे। बताया गया कि इस बार सर्वेक्षण के लिए ट्रिपल आर थीम (रिड्यूज, रियूज, रिसाइकिल और बैकलेन) तय हुई है। इसमें पहली दफा बैकलेन (घर के पीछे की गली) को भी शामिल किया गया। इसके तहत घर से बाहर कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोकथाम करनी है।