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सुस्त सिस्टम: अब तक खोज सके महज 16 बच्चे

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सुस्त सिस्टम: अब तक खोज सके महज 16 बच्चे
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झांसी। कोरोना के कारण अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों के सर्वे का काम जिले में धीमा चल रहा है। जिले में प्रोवेशन विभाग अब तक महज 16 बच्चों को खोज सका है। जिनके माता-पिता की मौत कोरोना काल में हुई है। इसमें छह बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना संक्रमण के चलते माता-पिता को खोया है। जबकि 10 बच्चों के माता-पिता की मौत अन्य बीमारी से हुई है। जबकि जिले में बड़ी संख्या में कोरोना ने बच्चों को अनाथ किया है। हालांकि इन बच्चों को सरकार की नई उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए लाभान्वित करने की तैयारी हो रही है।
जिले में कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों का सर्वे करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए थे। इसे लेकर प्रदेशभर में बच्चों के सर्वे का काम चल रहा है। मगर जिले में सर्वे कार्य की गति धीमी है। महानगर में ही कोरोना के कहर से अब तक 580 मौतें हो चुकी हैं। इसमें अधिकतर ऐसे लोगों की मौत हुई है, जिनके बच्चे छोटे हैं। मगर प्रोवेशन विभाग महज 16 बच्चों को खोज पाया है। ये बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता की कोरोना या अन्य बीमारियों से मौत एक मार्च 2021 के बाद हुई है। वहीं सरकार ने बच्चों के लिए उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का एलान किया है। जिसके तहत बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल बताते हैं कि अब तक 16 बच्चों की जानकारी मिली है। जिसमें छह बच्चों ने कोरोना के चलते माता-पिता को खोया है। बच्चों के सर्वे का काम चल रहा है। निगरानी समितियों, आंगनबाड़ी, आशा और सामाजिक संगठन भी इसमें मदद कर रहे हैं। निर्देशों के अनुरू प बच्चों की मदद कराई जाएगी।
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कोरोना से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की जानकारी हमें दें
झांसी। कोरोना संक्रमण ने जिले में कई बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से भी ऐसे बच्चों की परवरिश और भविष्य को सुरक्षित करने की पहल की जा रही है। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के तहत तमाम योजनाओं और सहायता देने की कवायद हो रही है। लेकिन अभी सरकार और प्रशासन ऐसे कुछ ही बच्चों को खोज सके हैं। अमर उजाला ऐसे बच्चों की पहचान का अभियान शुरू कर रहा है। हम सरकार, जिला प्रशासन और जरुरतमंद बच्चों के बीच सेतु बनकर उन्हें मदद दिलवाने का प्रयास करेंगे। आपको अपने आसपास ऐसे बच्चों के बारे में कोई जानकारी हो तो कृपया हमें 7617566165 पर व्हाट्सएप के जरिए बताएं अथवा jhs-cityreporter@jhs.amarujala.com पर ई-मेल करें। अगर आपके पास बच्चों का कोई फोटो हो तो उसे भी भेजें।
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