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बर्खास्त शिक्षक प्रकरण की हो मजिस्ट्रेट जांच

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट अंतर्गत कार्यरत शिक्षक राजकुमार सिंह को बर्खास्त करने के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने डीएम को पत्र लिखा है। साथ ही मामले की मजिस्ट्रेट स्तरीय जांच कराने की मांग की है। बर्खास्त शिक्षक का मामला अमर उजाला ने ही सबसे पहले उठाया था। अमर उजाला की खबर को पूर्व मंत्री ने ट्वीट भी किया है।
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पूर्व मंत्री ने लिखे पत्र में कहा है कि शिक्षक की नियुक्ति केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एनपीआईयू खंड द्वारा की गई थी। मार्च में नैसकॉम की ट्रेनिंग में शिक्षक को जाना महंगा पड़ गया। प्रशिक्षण से लौटने के बाद डीन इंजीनियरिंग प्रो. एसके कटियार ने शिक्षक को बेबुनियाद कारणों का हवाला देते हुए जातिगत दुर्भावना से पद से बर्खास्त करते हुए नौकरी से निकाल दिया। हाईकोट ने बर्खास्तगी के आदेश को रद्द भी कर दिया। इसके बावजूद शिक्षक को बहाल नहीं किया गया है। इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाए।
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