झांसी। जेष्ठ कृष्ण अमावस्या पर बृहस्पतिवार को वर्ष 2021 का पहला सूर्य ग्रहण रहेगा। हालांकि यह भारत में न दिखने के कारण इसका कोई प्रभाव नहीं रहेगा और सूतक भी नहीं लगेगा। अन्य समान दिनों की तरह पूजा-पाठ जारी रहेगी। इसी दिन बट सावित्री पूजन और शनि जयंती का पर्व भी उत्साह से मनाया जाएगा।
भारत के जनजीवन में सूर्य चंद्र ग्रहण का हमेशा से ही प्रभाव रहा है। यही वजह है कि ग्रहणों को लेकर हमेशा से ही आम नागरिकों उत्सुकता रही है। साल का पहला सूर्य ग्रहण गुरुवार अमावस्या को रहेगा। जो दोपहर एक बजकर 45 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार यह ग्रहण यूरोप एवं एशिया के देशों में नजर आएगा। यह भारत में नहीं दिखेगा। उनके अनुसार इसी दिन शनि जयंती और बट सावित्री पूजन का पर्व मनाया जाएगा। सभी सुहागिन महिलाएं वट सावित्री की विधिवत पूजा करती हैं।