ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज के लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। एक हफ्ते के भीतर एस्टीमेट बन जाएगा। रेलवे पहले ही सहमति जता चुका है, लेकिन स्वीकृति के लिए फाइल वहां भी भिजवाई जाएगी। इसके बाद टेंडर और अन्य सरकारी प्रक्रिया पूरी होने में चार महीने लग सकते हैं। यदि फाइल तेजी से दौड़ती रही तो अक्तूबर में शिलान्यास हो सकता है।
सेतु निगम की ओर से करवाए गए सर्वे के मुताबिक कि इस क्रासिंग से महीने में एक लाख 75 हजार वाहनों का आवागमन होता है। रोज 75 ट्रेनों का आवागमन होता है। 24 में 13 घंटे क्रासिंग बंद रहती है। मानक और नियमों के मुताबिक यहां ओवरब्रिज की बेहद जरूरत है। प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक यहां लगभग एक किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव है। अब सेतु निगम ओवरब्रिज का एस्टीमेट बनाएगा और उसे शासन को भेजा जाएगा। इसकी स्वीकृति में दो महीने लग सकते हैं। इसके बाद ओवरब्रिज के लिए शासनादेश जारी होगा। अक्तूबर तक काम शुरू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि अमर उजाला ने यहां ओवरब्रिज निर्माण के लिए अभियान चलाया था। विधायक रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री के सामने भी मांग उठाई थी और इसके बाद यहां ओवरब्रिज बनाने की सहमति बनी।
तेजी से होगा काम
मुख्यमंत्री की सहमति के बाद यहां ओवरब्रिज के लिए बहुत तेजी से काम हुआ है। सर्वे का काम पूरा कर लिया है। अब एस्टीमेट बनाया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर फाइल शासन को भिजवा दी जाएगी।
- केपी त्रिपाठी
प्रोजेक्ट मैनेजर, उप्र राज्य सेतु निगम
हंसारी ब्रिज को एनओसी का इंतजार
हंसारी रेलवे क्रासिंग (ललितपुर रोड) पर भी ओवरब्रिज निर्माण की फाइल अंतिम चरण में हैं। समाजवादी पार्टी सरकार के समय इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की गई थी। लेकिन, अभी तक सेना की अनुमति नहीं मिली है। इस कारण इंतजार किया जा रहा है। यदि सेना की अनुमति मिल जाए तो इस पर भी काम शुरू हो जाएगा।