झांसी। बुंदेलखंड की जैव विविधता का अध्ययन करने के लिए एक सर्वे शुरू कराया गया है। पंचायत स्तर पर कराए जा रहे इस सर्वे के जरिए बुंदेलखंड में पाए जाने वाले जीव-जंतु समेत सभी प्रकार के जैविकों का एक आधारभूत आंकड़ा तैयार कराया जा रहा। योजना के मुताबिक जैव विविधता के इन आकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में बुंदेलखंड की जैव विविधता बढ़ाने में किया जाएगा।
एग्रो क्लाइमेटिक जोन के तहत पूरे प्रदेश को तीन जोन में बांटा गया है। बुंदेलखंड के अलावा सेंट्रल जोन एवं तराई जोन बनाए गए हैं। बुंदेलखंड में बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर एवं जालौन को शामिल किया गया है जबकि सेंट्रल जोन में 24 जिले एवं तराई जोन में तीन जिले शामिल हैं। एग्रो क्लाइमेटिक जोन बनाए जाने के बाद भी सरकार के पास इन इलाकों के कोई आकड़े ही नहीं हैं। इसके तहत अब कवायद शुरू की गई है। ग्राम पंचायतों के मार्फत शुरू कराए गए इस सर्वे में 19 विभिन्न श्रेणियों के तहत सूचनाएं जुटाई जा रही। इसमें सब्जियों के प्रकार, फल, जमीन के प्रकार, फसल, फसल के हानिकारक कीट, औषधि पौधे, शोभाकार पौधे, पालतू जानवर, जंगली घास, मछली, जंगली जानवर, विषैले जंतु, औषधि वन्य पौधे, चबाने एवं धुआं वाले पौधे जैसे तमाम वर्ग शामिल किए गए हैं। डीपीआरओ जगदीश राम के मुताबिक यह कार्य वन विभाग एवं कृषि विभाग की मदद से कराया जा रहा है।