झांसी। जिले की सीमाओं पर भले ही पुलिस का सख्त पहरा हो, लेकिन कई मजदूर शॉर्टकट रास्तों से झांसी जिले में प्रवेश कर रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे मजदूरों को रोकने के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित कर दी गई हैं, जो जिले से लेकर महानगर के अलग-अलग स्थानों पर 24 घंटे गश्त करेंगी। पुलिस प्रशासन पैदल मिलने वाले मजदूरों को दूसरों वाहनों में बैठाकर घरों की तरफ रवाना करेगा।
लॉकडाउन के बाद से ही सबसे ज्यादा सख्ती जिले की सीमाओं पर की गई है। झांसी से रक्सा, झांसी- कानपुर, झांसी से ललितपुुर के बॉर्डर थानों पर पुलिस फोर्स तैनात है। बाहर से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है। ऐसे में बाहर से मजदूर पैदल व अन्य वाहनों में सवार होकर झांसी की सीमा में पहुंच रहे हैं। हाइवे पर तैनात भले ही पुुलिस उनको रोक देती है, लेकिन अधिकांश मजदूर शॉॅर्टकट रास्तों से पैदल होते हुए शहर की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इससे शहर को संक्रमण का खतरा बन गया है। ऐसे मेें शॉर्टकट रास्तों से अंदर आने वाले मजदूरों को रोकने के लिए पुलिस की चार मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। एक टीम रक्सा से चिरगांव व दूसरी चिरगांव से पूंछ हाईवे, तीसरी बड़ागांव से इलाइट चौराहा, चौथी इलाइट चौराहा से चिरूला और पांचवीं इलाइट चौराहा से रक्सा के बीच गश्त करेंगी। शुक्रवार से इन टीमों का भ्रमण भी शुरू हो गया है।
जांच कर कराया जाएगा क्वारंटीन
पैदल चलने वाले मजदूरों की जांच भी की जाएगी। किसी भी मजदूर की तबियत खराब होने या तेज बुखार होने पर क्वारंटीन भी किया जाएगा। टीमों के साथ एक चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे।
मजिस्ट्रेट भी रहेंगे साथ में
पुलिस की गाड़ियों के साथ मजिस्ट्रेट भी साथ रहेंगे, ताकि आगे किसी तरह की समस्या पैदा न हो सके। तत्काल किसी तरह की जरूरत पड़ने पर संबंधित थाने से भी फोर्स मौके पर पहुंचाने की भी पूरी तैयारी रहेगी।
इन मोबाइल टीमों की जिले में शुरूआत कर दी गई है। बेवजह पैदल जाने वाले मजदूरों को रोकने के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें 24 घंटे अपने-अपने इलाकों में भ्रमण पर रहेंगी। अधिकारी भी इनकी मानीटरिंग करते रहेंगे।
राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी