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जनता ने देवतुल्य माना तो संवेदनशील रहें डॉक्टर

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज सभागार में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को मरीजों संग अच्छा व्यवहार करने का पाठ पढ़ाया। योगी ने कहा कि जनता ने आपको देवतुल्य माना है इसलिए संवेदनशील रहें। आयुष्मान भारत योजना के तहत जो पैसा बचता है, उसको गरीबों के इलाज में लगाएं। वार्ड, ओपीडी और इमरजेंसी आने वाले मरीज को डॉक्टर सही से देखकर हाल चाल पूछ लेंगे तो उसका आधा मर्ज ठीक हो जाएगा, क्योंकि बीमारी मानसिक रूप से ज्यादा होती है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को पुराने डॉक्टरों ने नाम और पहचान दिलाई। उस पहचान को बनाए रखना नए डॉक्टरों का काम है। उन्हीं के नाम की वजह से दूरदराज के लोग आज भी मेडिकल कॉलेज आते हैं। ऐसे में डॉक्टर में संवेदना बहुत जरूरी है। आपका व्यवहार प्रोफेशन को अच्छा या बुरा बनाता है। जब कोई डॉक्टर किसी मरीज या तीमारदार के साथ मारपीट करता है फिर धरना-प्रदर्शन करने बैठ जाता है तो सामान्य आदमी और उसमें कोई अंतर नहीं रह जाता। ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी तो धीरे-धीरे लोगों का विश्वास टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास कायम रखना डॉक्टरों के सामने बड़ी चुनौती है। अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह कॉरपोरेट हॉस्पिटल में जाकर इलाज करा सकें। इसलिए सरकार की योजनाओं का मरीजों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने का प्रयास करें। उन्होंने अपील की कि सप्ताह में एक दिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर प्रशासन के सहयोग से सीएचसी, पीएचसी में जाकर मरीज देखें। स्वास्थ्य विभाग की मदद से उन्हें दवाएं उपलब्ध कराएं। इससे उन्हें दुआ भी मिलेगी।
वहीं, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए केंद्र व राज्य की सरकार ने भागीरथ प्रयास किए हैं। डॉक्टरों से कहा कि ओपीडी में ज्यादा भीड़ देखकर मानसिक संतुलन न खोएं। मरीज डॉक्टर में भगवान का चेहरा देखते हैं। ऐसे में मन में सेवा का भाव होना चाहिए। डॉक्टर की उम्र से बड़ी उसकी ख्याति व प्रतिष्ठा होती है। इससे पूर्व कार्यक्रम की रूपरेखा प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने प्रस्तुत की। जब प्राचार्य ने कहा कि उन्होंने झांसी मेडिकल कॉलेज से ही पढ़ाई की है, आज यहां पर सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक खुलने से उन्हें गर्व महसूस हो रहा है तो खुद मुख्यमंत्री ने ताली बजाकर उनकी इस बात का स्वागत किया। इस दौरान सांसद भानू वर्मा, प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रवि शर्मा, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य, महापौर रामतीर्थ सिंघल, बीयू कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, बीआईईटी निदेशक प्रो. वीके त्यागी, बीजेपी महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा, एसआईसी डॉ. रविंद्र मिश्रा, सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, डॉ. एनएस सेंगर, डॉ. संजया शर्मा, डॉ. राजीव सिन्हा, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. ओमशंकर चौरसिया, डॉ. पारस गुप्ता, डॉ. अमित सहगल, डॉ. मनीष जैन, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. नीरज बनौरिया, डॉ. प्रीति केनाल, पीआरओ डॉ. विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव, संजय दुबे, संजीव श्रंगीऋषि मौजूद रहे।
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प्रदेश में शुरू होंगे छह सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार तेजी से काम कर रही है। बीती फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का शुभारंभ कर चुके हैं। रविवार को झांसी में इसकी शुरूआत हो गई। मेरठ में भी जल्द होने वाला है। कानपुर, आगरा में युद्ध स्तर पर काम चल रहा। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश में छह छह सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक शुरू हो जाएंगे। उन्होंने पिछली सरकारों की चुटकी ली कि 1965 में झांसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक शुरू होने में 54 साल लग गए।
रंग लाई योगी की मेहनत
केंद्र सरकार ने देश भर में 75 मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी और प्रदेश सरकार से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रस्ताव मांगे थे। इसका जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रैल-मई में जब ये जानकारी मिली तो सुबह से शाम तक वे चुनावी सभा करते थे और रात में 11 बजे के बाद मंत्रियों, अधिकारियों के साथ बैठक। जब तक चुनाव परिणाम आए तब तक 14 प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों खोलने के लिए डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) केंद्र सरकार के पास पहुंच चुकी थी। इनमें से 13 की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने जल्द ही एक और बचा मेडिकल कॉलेज स्वीकृत होने की उम्मीद जताई।
प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं
मेडिकल कॉलेज सभागार में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में आगे बढ़ने की दिशा में काम करना होगा। प्रदेश सहित बुंदेलखंड में इसकी अपार संभावनाएं हैं। यह सिर्फ मौज-मस्ती नहीं है, बल्कि इससे रोजगार के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
90 फीसदी कम हो गईं इंसेफिलाइटिस से मौतें
स्वच्छ वातावरण और शुद्ध पेयजल किस तरह लोगों को स्वस्थ रख सकता है, इसका उदाहरण मुख्यमंत्री ने दिया। सीएम ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफिलाइटिस से हर साल हजारों बच्चों की मौतें हो जाती थीं। वह संसद में भी इसका मुद्दा उठाते रहते थे। कहा कि सालों लग गए यह बात समझने में कि इस बीमारी का इलाज बचाव है। मुख्यमंत्री बनने के बाद लोगों के घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचने और प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत योजना के तहत शौचालय बनवाने से अब इंसेफिलाइटिस से मरने वालों की संख्या 90 फीसदी कम हो गई है।
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ये भी बोले सीएम
- भाजपा सरकार 102 और 108 एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम कम किया। जरूरतमंद तक अब जल्दी पहुंचती है एंबुलेंस।
- 2016 से 2019 से बीच 15 मेडिकल कॉलेज बनाने का काम चल रहा है। इनमें सात में प्रवेश भी दिलाया जा चुका है।
- 70 सालों में यूपी में सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज खुल पाए। मोदी सरकार पांच साल में 26 नए कॉलेज खोलने जा रही है। यह हमारे काम की गति है।
- उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और रायबरेली की स्थापना हो चुकी है। यहां पर ओपीडी में इलाज और प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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