फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुन ली गई महिला की फरियाद, नीचे तल पर मकान शिफ्ट

विज्ञापन
आसरा भवन के निचले तल का मकान महिला को मिल गया है।
विज्ञापन
सुन ली गई महिला की फरियाद, अब निचले तल पर मिला मकान
विज्ञापन

झांसी। आखिरकार प्रशासन ने महिला की फरियाद सुन ली और उसे आसरा आवास योजना में तीसरी मंजिल से नीचे शिफ्ट कर दिया गया। अब महिला को गुजारा करने के लिए राशन की जरूरत है। महिला को प्रशासन और समाजसेवियों से मदद की दरकार है।
महिला चंद्राबाई गुब्बारे बेच कर अपना और पति का गुजारा करती हैं। वह सीपरी बाजार में मेजर ध्यानचंद पहाड़ी के पीछे की ओर बने आसरा आवास योजना में मकान नंबर 8/12 में रहती हैं। उनका आवास तीसरी मंजिल पर है। उनके साथ ननद की बीस साल की बेटी सोनम भी रहती है। सोनम मानसिक रूप कमजोर है और पति अक्सर बीमार रहते हैं। इस कारण तीसरी मंजिल तक चढ़ने- उतरने में असमर्थ हैं। आवास में बिजली नहीं है और गैस का कनेक्शन नहीं है। केवल राशन कार्ड है, जिससे खाने का सामान मिल जाता है। लॉकडाउन के कारण गुब्बारों की बिक्री भी बंद है। यही उनकी आजीविका का साधन है। कॉलोनी में पानी की समस्या है, इसलिए टैंकर आता है। लेकिन, तीन मंजिल तक वह पानी लेकर चढ़ नहीं पाती हैं।
विज्ञापन

वह कई दिनों से अपना आवास तीसरी मंजिल से नीचे बदलवाने के लिए परेशान थीं। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। शुक्रवार को उनकी पीड़ा का समाधान हो गया और उन्हें नीचे की मंजिल पर 10/4 आवास आवंटित कर दिया गया। शुक्रवार को इसकी चाबी सौंप दी गई, लेकिन चंद्राबाई की ननद की मानसिक रूप से कमजोर बेटी बीमार होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती थी, जिससे चाबी पड़ोसी को सुपुर्द कर दी गई।
विज्ञापन

चंद्राबाई को मदद की दरकार है, क्योंकि उनके आवास में बिजली नहीं है। गर्मियों में बिना बिजली के कैसे रहा जा सकता है, इसे हर कोई जानता है। आवास में अंधेरा भी रहता है। उन्हें बिजली का कनेक्शन कराना है। इसमें दो हजार रुपये का खर्च है। उनके पास गैस का कनेक्शन नहीं है। एक छोटा सिलिंडर है, जिसे वह दूसरों की मदद से भरवा लेती हैं। खाने पीने का कोई भरोसा नहीं है। कहीं मदद मिल गई तो ठीक अन्यथा भूखे पेट सोना पड़ जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें