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सुखनई नदी में तीन बहे

Thu, 14 Jul 2016 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sukhnoi river, jhansi hindi news - फोटो : demo
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मऊरानीपुर। मंगलवार की रात लगातार नौ घंटे हुई बारिश ने नगर व आसपास के क्षेत्रों में कहर बरपा दिया। नगर के मध्य बहने वाली सुखनई के रिपटे के ऊपर से पानी बहने लगा। रिपटे को पार करने की कोशिश में बाइक सवार दो युवक नदी में बह गए। उधर, नगर के एक अन्य स्थान पर भी एक युवक नदी में बह गया। तीनों युवकों की प्रशासन द्वारा लगातार गोताखोरों की मदद से खोज की जा रही है, पर अब तक कोई पता नहीं चल सका है। बृहस्पतिवार (आज) की सुबह से सेना अपना आपरेशन शुरू करेगी।
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मंगलवार की रात 7 बजे से शुरू हुई बारिश ने देखते ही देखते गति पकड़ ली और कुछ ही समय में ही सुखनई नदी उफान पर आ गई। बाईपास पर बने रिपटे के ऊपर पानी बहने लगा। रात्रि लगभग 11 बजे एक गेस्ट हाउस में चल रहे विवाह समारोह में शामिल होकर नबाब पुत्र सुबराती निवासी मोहल्ला पाठकपुरा व राहुल रैकवार पुत्र अशोक मस्ताना निवासी मोहल्ला परवारीपुरा अपने घर लौट रहे थे। ये युवक रिपटा पार करने की कोशिश में बाइक समेत नदी में बह गए। राहुल अपनी बाइक समेत बहता हुआ आगे निकल गया, जबकि नबाब रिपटे पर लगे खंभे से लिपट गया और मदद के लिए करीब डेढ़  घंटे तक चिल्लाता रहा। उसने अपनी कमीज को खंभे में बांध दिया, लेकिन तेज बहाव के चलते कोई जुगत काम नहीं आई तथा वह भी पानी में बह गया।

जेसीबी, छोटी व बड़ी नावों से सारी रात सर्च लाइटों की मदद से पालिकाकर्मियों ने कई घंटे तक नदी में बह गए लोगों की खोज की पर तेज बारिश के कारण तीनों युवकों का पता नहीं चल सका। सुबह चार बजे जैसे ही बारिश थमी उन्हें खोजने का कार्य फिर शुरू किया गया, जो बुधवार को दिनभर जारी रहा, पर सफलता नहीं मिली। पालिकाध्यक्ष मीरा आर्य, विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए गोताखोरों की व्यवस्था कराने की मांग की है। अपर आयुक्त रमाशंकर गुप्ता और सैन्य अफसर मौके पर पहुंचे और तय किया गया कि बृहस्पतिवार को सुबह सेना युवकों की तलाश का आपरेशन शुरू करेगी।
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उधर, बुधवार को दिन में12.30 बजे मछली बाजार में गांधीगंज निवासी दिलीप अहिरवार ने अपने कपडे़ नदी के किनारे उतारकर उफनाती सुखनई नदी में छलांग लगा दी और देखते ही देखते तेज पानी के बहाव में बह गया। इसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। हादसे में प्रशासन का रवैया पूरी तरह से लचर नजर आया। उपजिलाधिकारी संसाधनों के अभाव की व्यथा सुनाते नजर आए।  बुधवार को सारा दिन सुखनई नदी के घाटों पर हजारों लोगों की भीड़ उपस्थित रही। ग्राम भकौरा का चेकडैम भी पानी के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया। लाइनों के अस्त-व्यस्त हो जाने से 20 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है।  सुखनई नदी का संपर्क मार्ग व दर्जनों पेड़ पानी में बहते नजर आए। मकानों, दुकानों व आवासीय कॉलोनियों व स्कूलों में पानी भर गया।  

गाज से एक की मौत, छह झुलसे
कटेरा (झांसी)। कसबा निवासीकिसान महेंद्र (30 वर्ष) अपने चाचा रामकिशुन खुमान तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ शाम पांच बजे खेतों में बुवाई कर रहा था, इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और गाज गिरने से महेंद्र की मौत हो गई। खेत पर काम कर रहीं रामकुंवर, गीता, अर्चना 8 (वर्ष) कमला (25 वर्ष) हरीरामघ़न्सू बेटी बाई निवासी ग्राम बिरोरा झुलस गए।  घटना की जानकारी होने पर कस्बावासी मौके पर पहुंचे उन्होंने झुलसे हुए लोगों को बंगरा अस्पताल में भिजवाया तथा मृतक की सूचना कटेरा थाने को दी, वहीं कटेरा पुलिस ने मृतक का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया।
बेतवा में राफ्ट बोट से निकला दूल्हा
ओरछा । बेतवा व जामनी नदी में आई बाढ़ के चलते टापू बने ग्राम लोटना के निवासी जितेंद्र यादव की बारात मोनपुरा के लिए बेतवा की उफनाती लहरों के बीच राफ्ट पर सवार होकर रवाना हुई, इसी गांव के निवासी ईसू आदिवासी की बारात धमना जानी थी इन्हें ही राफ्टिंग बोट की मदद से बारात नदी के इस पार लाना पड़ी।
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