झांसी। इतवारीगंज मोहल्ले में रहने वाले एक व्यवसायी ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर के दरवाजे पर फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी पर उसे लटका देख परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे चीरघर भिजवा दिया।
थाना कोतवाली के इतवारीगंज मोहल्ले में धीरज गुप्ता (34) परिवार के साथ रहता था। घर में पत्नी के अलावा एक बेटा, बेटी एवं मां रहती हैं जबकि भाई लखनऊ की एक निजी फर्म में काम करता है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि धीरज बृहस्पतिवार को रोजाना की तरह रात का खाना खाने के बाद सभी के साथ ऊपर वाले कमरे में सोने चला गया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह नीचे उतरा और आंगन के पास के लोहे के दरवाजे पर तौलिया लपेटकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद परिवार के लोग भी नीचे आए। उसे फंदे पर लटका देखकर उनकी चीख निकल गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग भी आ गए। उन लोगों ने धीरज को फंदे से नीचे उतारा और उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे लेकिन, वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर उन्नाव गेट चौकी प्रभारी चंदन पांडेय पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे चीरघर भिजवा दिया। पुलिस के मुताबिक परिवार के लोग भी घटना की वजह नहीं बता रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि धीरज के ऊपर व्यवसायिक कर्ज भी नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह मालूम चल सकेगी। कोतवाली इंस्पेक्टर के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।