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दरोगा ने पीड़ित को बनाया मादक पदार्थ तस्कर!

Sat, 23 May 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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झांसी। जमीन पर कब्जा कराने की मंशा से ग्वालियर रोड चौकी इंचार्ज ने साठगांठ कर पीड़ित को 300 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। न्याय के लिए भटकते परिजनों की जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने आईजी के ‘एक नंबर भरोसे का’ पर शिकायत की। मामला की गंभीरता को देख कराई गई जांच में दरोगा को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है।
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एसएसपी के आदेश पर दरोगा के खिलाफ प्रारंभिक जांच भी शुरू हो गई है।
सीपरी बाजार थानांतर्गत नया गांव सूती मिल निवासी राहुल रायकवार ने आईजी कानपुर जोन के एक नंबर भरोसा पर शिकायत करते हुए बताया कि 16 मई को वह और उसके पिता रमेश चंद्र अपने जमीन के मुकदमे की पैरवी करने कचहरी गए थे। तभी ग्वालियर रोड चौकी इंचार्ज मोहम्मद राशिद खान का पिता के मोबाइल पर फोन आया। उन्होंने बताया कि तुम्हारे भाई ने शिकायती पत्र दिया है। वह थाने अथवा चौकी पर आ जाएं। पिता रमेश जब चौकी पर गए तो दरोगा ने उन्हें दो सिपाहियों के साथ थाने भेज दिया। जब उसे पिता को थाने पर बंद करने की जानकारी हुई तो वह अपनी मां के साथ थाने पर गया। पुलिस कर्मियों ने बताया कि रमेश कश्यप ने शिकायत की है, जिस पर पूछताछ की जानी है। इसके बाद उन्हें थाने से पुलिस कर्मियों ने भगा दिया।

गड़बड़ी की आशंका पर वह रात को एसएसपी आवास पर गए और पूरे मामले की जानकारी दी जिस पर उन्हें दोबारा थाने भेज दिया गया। जब वह थाने गए तो पता चला कि पिता को पुलिस ने 300 ग्राम चरस की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार दिखाकर लिखा पढ़ी कर दी है।
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17 मई को पीड़ित राहुल ने आईजी से शिकायत की और बताया कि 16 मई की दोपहर एक बजे थाने पर बैठकर रची गई साजिश के तहत पिता को जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि पिता के जेल जाने के बाद अब उन्हें भी जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही है। मामले की गंभीरता को देख आईजी ने एसएसपी को जांच के आदेश दिए।  सीओ सदर अंशुल गुप्ता को जांच सौंपी गई। आईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि जांच रिपोर्ट में चौकी इंचार्ज को षड्यंत्र रचकर पीड़ित को जेल भेजने का दोषी पाया गया है। दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।


जेल गए पीड़ित ने पूर्व में भी की थी शिकायत
कुछ दिन पूर्व ही जेल गए रमेश चंद्र ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर अपनी पीड़ा से अवगत कराया था, मगर कोई समुचित कार्रवाई नहीं हो सकी। रमेश ने बताया था कि जमीन पर उसके भाई की नीयत बदल गई है। वह धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसके तीन प्लाट जबरन बिकवा दिए। जो पैसा मिला उसे भी हड़प लिया। भाइयों का रसूख होने की वजह से कुछ दिन पूर्व बेवजह पुलिस ने उसे शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, जहां से मुश्किल से जमानत पर छूटा।
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