कुम्हरार और पिपरा गांव के मॉडल स्कूल एक अप्रैल से बच्चों को पढ़ने के लिए खुल जाएगा। पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल स्कूल के नाम से यह संचालित होंगे। इसमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी।
ग्रामीण इलाकों के बच्चे सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढे़, इसके लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत मॉडल स्कूल बामौर के कुरैठा, चिरगांव के पिपरा और मोंठ के कुम्हरार में बनवाए गए। स्कूल भवनों की लागत तीन करोड़ 72 लाख रुपये रही। इनमें से सिर्फ कुरैठा का मॉडल स्कूल समाजवादी अभिनव विद्यालय के नाम से बीते शैक्षिक सत्र शुरू हुआ, जो बाद में अभिनव विद्यालय बना। लेकिन अन्य दोनों मॉडल स्कूलों में शैक्षिक गतिविधियां शुरू न हो सकी। विभाग के अनुसार यह स्कूल सीबीएसई से चले, इसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन से शासन ने रिपोर्ट भी मांगी थी। हाल ही में केंद्रीय विद्यालय संगठन के अधिकारियों ने इन स्कूलों का दौरा कर जांच भी की थी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि सभी मॉडल स्कूल एक अप्रैल से शुरू होंगे।
कुरैठा की स्थिति गड़बड़
बामौर के कुरैठा गांव में संचालित अभिनव मॉडल स्कूल दयनीय हालत में है। लगभग 3 करोड 72 लाख रुपये की लागत से बने भवन में पेयजल के लिए बोरिंग नहीं है। सुरक्षा के लिए चौकीदार नहीं है। तीन शिक्षक है, जो संबद्ध है। मामूली बरसात हो जाए, तो विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना संभव नहीं है। क्योंकि पूरा मार्ग कच्चा है। शिक्षकों की कमी से अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है। यह मॉडल स्कूल बीते वर्ष अप्रैल में शुरू हुआ था। पंजीकृत विद्यार्थियों में 79 है, लेकिन आवासीय व्यवस्था न होने पर इन्हें रोज आना पड़ता है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि स्कूल में बाउंड्री बाल बना दी गई है। विद्यालय में जो नियुक्त शिक्षक रिटायर्ड हुए हैं, उन्हें पुन: रखा जाएगा। विद्यालय का रास्ता ग्राम निधि से बना है।