झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग में चार सर्टिफिकेट कोर्स शुरू हो गए हैं। किसी कोर्स में छात्र-छात्राओं को जाली दस्तावेज की पहचान करना सिखाया जाएगा तो किसी में घटना के बाद की जाने वाली फोटोग्राफी। 12वीं पास कोई भी छात्र-छात्रा इन कोर्सों में प्रवेश ले सकता है।
बीयू में संचालित फोरेंसिक साइंस कोर्स प्रदेश के चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में ही चल रहा है। अब नई शिक्षा नीति के तहत विभाग ने चार नए सर्टिफिकेट कोर्सों में सर्टिफिकेट इन हैंडराइटिंग, सिग्नेचर एंड डॉक्यूमेंट एग्जामिनेशन, कंप्यूटर एंड डिजिटल फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन, फोरेंसिक फोटोग्राफी और क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन एंड मैनेजमेंट शुरू कर दिए हैं। विभाग समन्वयक डॉ. अनु सिंगला ने बताया कि हैंडराइटिंग, सिग्नेचर एंड डॉक्यूमेंट एग्जामिनेशन कोर्स में छात्र-छात्राओं को दस्तावेजों के हस्ताक्षर में हुई छेड़छाड़, लेखनी और लेखनी का समय पहचानना, किसी व्यक्ति विशेष के हस्ताक्षर की पहचान या उसके लिखे हुए शब्दों को पहचान कर सही-गलत दस्तावेज का पता लगाने का हुनर सिखाया जाएगा। ये कोर्स 60 घंटे का होगा। पांच हजार रुपये फीस है।
कंप्यूटर एंड डिजिटल फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन कोर्स में छात्र कंप्यूटर और तकनीकी के जांच के बारे में जान सकेंगे। इसकी फीस 10 हजार रुपये है। ये कोर्स 30 घंटे का होगा। वहीं, फोरेंसिक फोटोग्राफी कोर्स में छात्रों को घटना के बाद होने वाली फोटोग्राफी के बारे में पढ़ाया जाएगा। 60 घंटे के इस कोर्स की फीस 10 हजार रुपये है। क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन एंड मैनेजमेंट में विद्यार्थियों को वारदात के बाद उसका रूपांतरण करना सिखाया जाएगा। ताकि, सबूतों के आधार पर वारदात को हल करके अपराधी को पकड़ने में मदद मिल सके।