झांसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सार्थक खन्ना की पैरा मेडिकल कॉलेज स्थित हॉस्टल की बालकनी से संदिग्ध अवस्था में गिरने से मौत हो गई है। इकलौते बेटे की मौत से डॉक्टर पिता का सपना टूट गया।
झांसी में एमबीबीएस का छात्र रहा सार्थक पिछले वर्ष एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस समय मेडिकल कॉलेज में वह चार माह तक कोमा में रहा और मौत के मुंह से बाहर आ गया था, लेकिन बुधवार को पैरामेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की बालकनी से गिरने से सार्थक की मौत हो गई।
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मृत छात्र सार्थक के पिता डॉ. रवि खन्ना ने झांसी मेडिकल कॉलेज से 1985 में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। जब उन्हें इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने अपने परिचितों को मेडिकल कॉलेज भेजा। सार्थक ने पहले ही प्रयास में नीट पास किया था।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वह पढ़ाई में होशियार था। यही वजह रही कि किसी भी पेपर में बैंक तक नहीं आया। छात्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
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सुपरवाइजर बोला, रात में उल्टियां हुई थीं
हॉस्टल के सुपरवाइजर शैलेंद्र कुमार ने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से पता चला कि रात में सार्थक की तबीयत खराब हुई थी। उसे कई उल्टियां भी हुई थीं। उन्होंने आशंका जताई कि सुबह वह उल्टी करने के लिए बालकनी में आया हो, जहां संतुलन बिगड़ने से गिर गया।
वहीं, मृत छात्र के चचेरे भाई डॉ. गौरव ने बताया कि उसकी तबीयत खराब थी। बालकनी के पास उसका पैर फिसल गया, जिससे गिरकर उसकी मौत हो गई। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
एमबीबीएस छात्र की संदिग्ध हालात में हॉस्टल की बालकनी से गिरकर मौत
छात्र की मौत के बाद से उनके परिवार में मातम छा गया है। बेटे की मौत से डॉ. रवि खन्ना और निधि खन्ना पूरी तरह टूट चुके हैं। निधि बेटे का शव लेने झांसी रवाना हो चुकी हैं।
निरालानगर स्थित खन्ना परिवार का घर बुधवार को सन्नाटे में डूबा रहा। निधि खन्ना घर के निचले तल पर एक स्कूल चलाती हैं। स्कूल के कर्मचारी भी इस खबर से सदमे में हैं। कर्मचारियों ने बताया कि सार्थक को डॉक्टर बनाने का सपना देख माता-पिता ने उसे झांसी भेजा था।
बेटे को डॉक्टर बनते देखना चाहते थे
बेटे की मौत से बेसुध डॉ. रवि बार बार यही कहते हुए फफक पड़े कि अगर पता होता कि बेटे के साथ ऐसा होगा तो उसे मंगलवार को वापस नहीं भेजते। गुड़गांव में रह रही सार्थक की बड़ी बहन भी सार्थक की मौत के बाद से शोक और सदमे में हैं। हालांकि परिवार और जानने वालों को सार्थक के बालकनी से गिरने की बात हजम नहीं हो रही।
एमबीबीएस छात्र की हॉस्टल की बालकनी से गिरने से मौत
झांसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सार्थक खन्ना की पैरा मेडिकल कॉलेज स्थित हॉस्टल की बालकनी से संदिग्ध अवस्था में गिरने से मौत हो गई है। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे जब हॉस्टल के छात्रों ने उसे खून से लथपथ देखा तो शोर मचाया।
हॉस्टल के छात्र सिद्धार्थ ने बताया कि सार्थक खन्ना (22) एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र था। वह लखनऊ के निराला नगर का रहने वाला था। उसके पिता डॉ. रवि खन्ना चिकित्सक हैं और मां निधि खन्ना स्कूल संचालिका हैं। वह इकलौता बेटा था।
वह सरदार बल्लभभाई पटेल हॉस्टल के रूम नं. 58 में रहता था। मंगलवार की रात लखनऊ इंटरसिटी से वह लौटा था। कमरे में गर्मी और काफी बदबू थी। कूलर चल नहीं रहा था। गर्मी की वजह से वह सोने के लिए रूम नं. 60 में चला गया।
सिद्धार्थ ने बताया कि सुबह छह बजे जगने के बाद हॉस्टल के छात्र अपनी बालकनी में गए थे मगर तब तक कोई हादसा नहीं हुआ था। सात बजे के बाद अचानक शोर मचा, तब पता चला कि सार्थक बालकनी से सिर के बल गिर गया।
नवाबाद थाना पुलिस ने घटनास्थल के साथ-साथ रूम नं. 60 और मृत छात्र के रूम नं. 58 का मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल की। मृत छात्र के पिता डॉ. रवि खन्ना ने झांसी मेडिकल कॉलेज से 1985 में एमबीबीएस किया था।