झांसी। कार सवार नकाबपोश बदमाश शनिवार की दोपहर एक स्कूल के बाहर खड़े छात्र को नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर ले गए। रास्ते में सीपरी मार्ग पर अपहर्ता शराब पीने लगे, तभी मौका पाकर छात्र भाग निकला। नजदीक में रहने वाले मामा के घर पहुंचकर उसने आपबीती सुनाई। परिजनों के अनुसार वह बच्चे को लेकर थाना नवाबाद पहुंचे, जहां पुलिस ने ‘बच्चा मिल गया अब घर जाओ’ कहते हुए उन्हें चलता कर दिया।
नवाबाद थानांतर्गत वीरांगना नगर बीएसएनएल टावर के पास रहने वाले डा. डीपी सिंह का पुत्र निश्चय प्रताप सिंह इलाहाबाद बैंक चौराहा स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। शनिवार को हाफ डे के चलते 12 बजे छुट्टी हो गई। स्कूल के गेट पर खड़े होकर वह आपे का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद वह नजदीक लगे ट्रांसफार्मर के पास लघुशंका करने लगा, तभी नजदीक आकर एक कार रुकी।
कार से उतरे दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और कार में डाल कर ले गए। वह उसे लेकर शहर में घूमते रहे। करीब पौन घंटे बाद उन्होंने सीपरी बाजार मार्ग पर कार को रोका और उतर कर शराब पीने लगे। तभी होश में आया निश्चय कार का दरवाजा खोलकर भाग निकला।
वह भागते हुए पीडब्ल्यूडी कालोनी में रहने वाले अपने मामा राजेश कुमार के घर पहुंचा। उसने मामा के परिजनों को आप बीती सुनाई। सूचना मिलते ही परिजन भी वहां पर पहुंच गए। कुछ देर बाद परिजन बच्चे को लेकर थाना नवाबाद पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। हैरानी की बात है कि पुलिस ने भयभीत छात्र से कोई पूछताछ तक नहीं की।
नवाबाद थाना प्रभारी रामभजन सिंह यादव का कहना है कि लड़के की बात कुछ समझ में नहीं आई। वह अनुशासनहीन लगता है। उसके साथ पुलिस को भेजा गया था। पता किया गया कि कैसे-कैसे कार सवार उसे अगवा करके ले गए। उनका तर्क है कि स्कूल की छुट्टी के समय गेट पर भीड़ रहती है, फिर कैसे कोई उसे लेकर जा सकता है।
लगता है कि पढ़ाई का कोई मामला है। सोमवार को उसकी उपस्थिति देखकर पता चलेगा कि छात्र स्कूल गया था या नहीं। हो सकता है स्कूल नहीं गया हो और परिजनों की वजह से उसने अपहरण की कहानी गढ़ दी हो। सत्यता का पता सोमवार को स्कूल जाने के बाद पता चलेगा।