रेलवे के अफसरों के साथ बैठक में सांसदों ने प्रमुख स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर खोलने समेत तमाम सुझाव दिए। झांसी होटल में हुई बैठक में 15 सांसदों को बुलाया गया था, लेकिन मात्र पांच ही आए।
शनिवार को जीएम मूलचंद्र चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सांसद उरई जालौन (सांसदों द्वारा मीटिंग के अध्यक्ष) भानु प्रताप वर्मा ने रिनिया फाटक पर रोड ओवरब्रिज की मांग करते हुए लखनऊ-झांसी इंटरसिटी के समय पालन बनाए रखने पर बल दिया। राज्यसभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच को जर्मन शैली पर बनाने, प्रमुख स्टेशनों पर मेडिकल स्टोर की व्यवस्था, गतिमान एक्सप्रेस को झांसी से चलाने, झांसी स्टेशन के बंद पड़े खानपान स्टॉलों को चालू करने, शताब्दी एक्सप्रेस के खाने की गुणवत्ता सुधारने का सुझाव दिया। उन्होंने रेल संपत्ति व ट्रेनों में बढ़ती चोरियों पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर गंभीरता से लगाम कसने के लिए कहा।
बांदा के सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी को मानिकपुर तक चलाने, बांदा और चित्रकूट स्टेशन पर अतिरिक्त वाटर वेंडिंग मशीन लगाने, कानपुर-चित्रकूट इंटरसिटी में एसी कोच लगाने और तुलसी एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने का सुझाव दिया। भिंड क्षेत्र के सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद ने भिंड से इटावा और फर्रुखाबाद तक विद्युतीकरण काम शीघ्र पूरा कराने की बात कहीं। उन्होंने भिंड में मालगोदाम की आवश्यकता बताई।
महोबा क्षेत्र के सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने भोपाल से लखनऊ वाया बांदा नई ट्रेन चलाने की मांग की। टिकट पर महोबा जंक्शन लिखने और महोबा स्टेशन पर दूसरा प्रवेश द्वार बनाने का सुझाव दिया। सांसद उमा भारती के प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान ने ओरछा स्टेशन को बी श्रेणी का दर्जा देने और धौर्रा स्टेशन पर अंडरब्रिज बनाने की मांग की। ग्वालियर सांसद के प्रतिनिधि राजकुमार नारंग ने भिंड भोपाल के बीच वाया झांसी नई ट्रेन चलाने का सुझाव दिया। यूपी संपर्क क्रांति का ग्वालियर और श्रीधाम एक्सप्रेस का डबरा स्टेशन पर ठहराव का सुझाव दिया। खजुराहो क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि अलौकिक खरे ने तुलसी एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाने और बुंदेलखंड खजुराहो लिंक एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन करने की मांग की। बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मंडल की उपलब्धियों से अवगत कराया। इस मौके पर डीआरएम अशोक कुमार मिश्रा और अन्य अफसर मौजूद थे।
ये आए ही नहीं
बैठक में केंद्रीय मंत्री व झांसी-ललितपुर की सांसद उमा भारती, केंद्रीय मंत्री एवं ग्वालियर क्षेत्र के सांसद नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद प्रभात झा, मुरैना क्षेत्र के सांसद अनूप मिश्रा, सागर के सांसद लक्ष्मी नारायण यादव, खजुराहो के सांसद नागेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद, सांसद सत्यवृत चतुर्वेदी और अकबरपुर के सांसद वीरेंद्र सिंह भोले बैठक में आए ही नहीं।
गुलदस्ते की जगह दिए शॉल
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए वीआईपी बैठकों या कार्यक्रमों में गुलदस्ता, बुकें आदि देने पर रोक लगा रखी है। बावजूद, इसके शनिवार को सांसदों की बैठक में यह परंपरा निभाई गई। सांसद और उनके प्रतिनिधियों का गुलदस्ते देकर तो स्वागत नहीं किया गया, मगर उनको शॉल भेंट कर सम्मान दिया गया।