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Jhansi News: बबीना के आरा मशीन के पास बस रोक कर चालक-परिचालक को पीटा

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। शुक्रवार शाम ललितपुर से झांसी आ रही बस को आरा मशीन के पास करीब डेढ़ दर्जन युवकों ने रोककर परिचालक, चालक एवं क्लीनर के साथ मारपीट की और परिचालक से रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए। सरे राह बस स्टाफ को पीटने की घटना से सवारियों में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं एवं बच्चे रोने लगे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। हालांकि, पुलिस बैग छीने जाने की बात से इन्कार कर रही है। देर-रात घायल परिचालक की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है।

ललितपुर बस स्टैंड से शुक्रवार शाम करीब छह बजे चालक अंसार प्राइवेट बस में सवारियां लेकर झांसी को रवाना हुआ। बस में परिचालक अवधेश सिंह बुंदेला एवं क्लीनर सेन भी सवार थे। अवधेश के मुताबिक सागर में भर्ती परीक्षा से लौट रहे आठ-दस युवक भी बैठ गए। बस में सीट न मिलने से उनका अवधेश से विवाद हुआ। वहां बीच-बचाव करने से मामला शांत हुआ। बस में सवार लोगों के मुताबिक शाम करीब साढ़े सात बजे बस जैसे ही बस आरा मशीन के पास पहुंची। वहां पहले से डेढ़ दर्जन से अधिक लोग खड़े थे। इन लोगों ने हाथ देकर बस को रुकवा लिया। बस के ठहरते ही सभी बस में जा चढ़े। परिचालक अवधेश समेत क्लीनर सेन को बाहर घसीट लाए। दोनों को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटने लगे। कुछ सवारियों के बीच-बचाव की कोशिश करने पर उनको भी लात-घूंसों से मारा पीटा। मारपीट होती देख सवारियों में दहशत फैल गई। चालक अवधेश, अंसार एवं सेन को लाठियों से मारा-पीटा। अवधेश के मुताबिक आरोपी उसके हाथ से बैग भी छीन ले गए। उसमें करीब 20 हजार रुपये थे। सूचना पर बबीना पुलिस भी पहुंची लेकिन, तब तक आरोपी भाग निकले थे। सीओ सिटी रामवीर सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। प्रारंभिक छानबीन में पैसों से भरा बैग छीने जाने की बात सामने नहीं आई है। आरोपियों को तलाशा जा रहा है।
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इनसेट



आधे घंटे तक झांसी-ललितपुर हाईवे पर चलता रहा तमाशा

उपद्रवियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं था। इस वजह से करीब डेढ़ दर्जन युवकों ने न सिर्फ झांसी-ललितपुर हाईवे से गुजर रही बस को रोकने से परहेज किया न वहां मारपीट करने से। जबरन बस को रोकने के बाद परिचालक, क्लीनर को बस से नीचे घसीट लाए। हाईवे पर ही उनको पीटा। शोर करने पर सवारियों को नीचे उतारकर पीटा। मारपीट के बाद बस अंधेरे में करीब एक घंटे खड़ी रही। कोई दूसरी बस न मिलने से सवारी परेशान रहे।
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