मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में पांच माह से ठप लेप्रोस्कॉपी और एक साल से बंद लेजर सर्जरी की सुविधा जल्द शुरू होगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इन मशीनों को सही कराने के लिए संबंधित कंपनी को पत्र भेज दिया है। एक पखवाड़े के भीतर मशीनें ठीक होने के बाद मरीजों को फिर से इन सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा।
यूरोलॉजी विभाग में लेप्रोस्कॉपी मशीन का हैंड इंस्ट्रूमेंट (हार्मोनिक) चार माह से खराब पड़ा है। इसके चलते खराब गुर्दा निकालने, गुर्दे की रुकावट दूर करने और गुर्दे में फंसी पथरी निकालने जैसी सर्जरी पूरी तरह बंद हैं। वहीं, लेजर मशीन एक साल से खराब होने के कारण पेशाब की थैली की पथरी के ऑपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं।
मशीनों के लंबे समय से खराब रहने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। ऑपरेशन की तारीख मिलने के बाद भी सर्जरी नहीं हो पा रही है। कई मरीज रोजाना इलाज की उम्मीद में ओपीडी पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मरीज मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख भी कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब इन मशीनों को जल्द दुरुस्त कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पत्र भेजकर संबंधित कंपनी से मरम्मत के लिए कहा है।
लेजर मशीन की मरम्मत के लिए होने वाले खर्च को मंजूरी देकर कंपनी को ऑर्डर कर दिया है। लेप्रोस्कॉपी मशीन के हैंड इंस्ट्रूमेंट के खराबी की जानकारी ली जा रही है। प्रयास है कि अगले एक पखवाड़े में दोनों मशीनें चालू कर मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए।
डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
0-इन सर्जरी पर पड़ा असर
खराब गुर्दा निकालने की सर्जरी
गुर्दे की रुकावट दूर करने की सर्जरी
गुर्दे की पथरी निकालने की सर्जरी