झांसी। दीपावली के समय पिछले साल गंभीर स्थिति में पहुंच गए झांसी के वायु प्रदूषण को देखते हुए इस बार लोगों ने आतिशबाजी न करने का निर्णय लिया है। लोगों का कहना है कि कोरोना के दौर में तो प्रदूषण का बढ़ता स्तर ठीक नहीं है। ऐसे में घरों, बाजारों को दीपों से रोशन करेंगे मगर बम, पटाखे नहीं फोड़ेंगे। कई लोगों ने तो आतिशबाजी पर खर्च होने वाले पैसे को जरूरतमंदों के लिए कपड़े, मिठाइयां और उपहार खरीदकर देने का सुझाव दिया है।
ये बोली जनता
देश अब कोरोना महामारी से उबर रहा है। ऐसे में दीपावली पर आतिशबाजी करने से प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है और बुजुर्गों, श्वांस रोगियों की सेहत बिगाड़ सकता है। इसलिए शांति से पर्व बनाएंगे। - राकेश पलैया, सुभाषगंज।
सभी से अपील है कि दीपावली पर ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घरों में दीये जलाएं। यह सुख-समृद्धि का पर्व है। आतिशबाजी करने से आसपास के लोगों को भी दिक्कत होती है। - सरोज त्रिपाठी, बीकेडी।
कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन होने से देश प्रदूषण मुक्त हो गया था। नदियां, आसमान साफ हो गए थे। अनलॉक में वही स्थिति बन रही। ऐसे में आतिशबाजी तो प्रदूषण को और बढ़ा देगी। - धर्मेंद्र अग्रवाल, गोपाल नीखरा।
परिवार और रिश्तेदारों में तय कर लिया है कि इस बार दीपावली पर्व पर आतिशबाजी नहीं करेंगे। दोस्तों और जान-पहचान वाले लोगों से भी बम, पटाखे न छुड़ाने की अपील कर रहे हैं। - सूर्यकांत निगम, डरू भौंडेला।
मुझे भी पिछले साल आतिशबाजी से उठे धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हो गई थी। ऐसे में पटाखे छुड़ाना बंद कर दिया है। प्रकाश के इस पर्व पर झालर और दीपक से पूरा घर रोशन कर देंगे। - संतोष शर्मा, गुसाईंपुरा।
झांसी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए बम, पटाखे, अनार आदि नहीं छुड़ाएंगे। आतिशबाजी करना तो वैसे भी खतरनाक होता है। इनकी तेज आवाज भी बच्चों-बुजुर्गों को परेशान करती हैं। - राहुल मोदी, बड़ाबाजार।
दीपावली पर मिट्टी के बने घर में दीपक जलाऊंगी। लोगों से अपील है कि जो पैसा वो पटाखों पर खर्च करेंगे, उससे गरीबों को कपड़े, मिठाइयां, उपहार खरीदकर दें। ताकि, उनकी दीवाली भी अच्छी मन सके। - निधि राय, अंदर सैंयर गेट।
बड़ी मुश्किल से झांसी की आबोहवा ठीक हुई थी। इससे तमाम बीमारियां भी कम हो गई थीं। कोरोना काल में झांसी को आगे भी प्रदूषण से मुक्त रखें। इसके लिए जरूरी है कि पटाखे न छुड़ाएं। - नम्रता, गणेश मड़िया।
पटाखे न जलाकर, दीपक जलाएंगे। घर का कोना-कोना रोशन करेंगे। दीपावली प्रकाश का पर्व है, शांतिपूर्वक मनाएंगे। लोगों से भी अपील है कि वायु, ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पटाखे न छुड़ाएं। - महक शर्मा, बंगलाघाट।
अभी देश भर में कई शहरों की आबोहवा खराब हो चुकी है। वहां पर लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। ऐसे में झांसी वासियों को एलर्ट रहना होगा। आतिशबाजी से बचना होगा। - आकाश बंसल, मिशन कंपाउंड।