झांसी। इलाइट-सीपरी बाजार मार्ग पर स्थित एक एसेसरीज (गाड़ियों के श्रृंगार की सामग्री) के प्रतिष्ठान में लाखों का करापवंचन प्रकाश में आया है। प्रतिष्ठान संचालक सही बिल की जगह ग्राहकों को स्टीमेट पर कच्चा बिल जारी कर रहा था।
शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर विशेष अनुसंधान शाखा राजेश कुमार ने इलाइट-सीपरी बाजार मार्ग पर स्थित प्रकाश मोटर्स का सर्वे किया। इस प्रतिष्ठान में गाड़ियों की एसेसरीज का सामान बेचा जा रहा था। मगर ढाई सौ रुपये के ऊपर के सामान पर सही बिल देने की जगह ग्राहकों को स्टीमेट के रूप में कच्चा बिल थमाया जा रहा था।
इस संबंध में प्रतिष्ठान संचालक टीम को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। टीम ने स्टाक की स्थिति को दर्ज करने के बाद कच्चे व पक्के बिल बुकों को कब्जे में ले लिया। वाणिज्य कर टीम की कार्रवाई से अन्य दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि प्रथम दृष्टया लाखों की टैक्स चोरी सामने आई है। शीघ्र ही इसका पूर्ण आकलन कर लिया जाएगा।
जांच में फंसता जा रहा व्यापारी
वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान टीम ने पिछले दिनों मऊरानीपुर के मुख्य बाजार में स्थित दिनेश बुक डिपो का सर्वे किया था। सर्वे के दौरान पाया गया था कि व्यापारी ने माल बेचने (ट्रेडिंग) का तो पंजीयन ले रखा है। मगर, खुद ही कापी, नोट बुक का निर्माण भी कर रहा है, जिसका पंजीयन नहीं लिया गया। शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। टीम ने बरामद अभिलेखों की अब तक की जांच में करोड़ों का करापवंचन पकड़ा है।
तिल पर वसूला गया 6.67 लाख शमन शुल्क
झांसी। वाणिज्य कर सचल दल द्वारा बिना प्रपत्रों के पकड़े गए तिल से भरे ट्रक पर शुक्रवार को 6.67 लाख शमन शुल्क जमा कराया गया। शमन शुल्क जमा होने के उपरांत माल को अवमुक्त कर दिया गया।
वाणिज्य कर सचल दल ने बीती रात पूंछ से ग्वालियर बिना प्रपत्रों के ले जाए जा रहे तिल से भरे ट्रक नंबर यूपी 93 एटी 2227 को भांडेर रोड पर पकड़ा था। ट्रक में ग्यारह लाख रुपये की तिल लोड थी। शुक्रवार को संबंधित व्यापारी द्वारा वाणिज्य कर शमन शुल्क 4.40 लाख, मंडी शुल्क 22 हजार, विकास सेस 55 सौ रुपये व मंडी शमन शुल्क दो लाख रुपये जमा कराया गया।