मध्य प्रदेश के 52 में से 25 जिलों में कोरोना वायरस का संक्रमण दस्तक दे चुका है। दबे पांव ये झांसी में प्रवेश न कर जाए, इसके लिए मध्य प्रदेश से सटी जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। हालात ये हैं कि परिंदों के अलावा और किसी को बिना इजाजत सीमा नहीं लांघने दी जा रही है। सीमाओं पर दिन - रात पुलिस निगरानी में जुटी हुई है।
झांसी मध्य प्रदेश की सीमाओं से घिरा हुआ है। मध्य प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यहां तक कि झांसी से सटे शिवपुरी और टीकमगढ़ में भी कोराना के पॉसिटिव मरीज पाए जा चुके हैं। ग्वालियर में भी इस बीमारी से संक्रमित लोग मिल चुके हैं। ऐसे में झांसी में भी खतरा लगातार बना हुआ है।
मध्य प्रदेश के पड़ोसी जनपदों से होता हुआ ये वायरस दबे पांच झांसी में प्रवेश न कर जाए, इसकी रोकथाम के लिए जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। ग्वालियर रोड, उनाव - बालाजी रोड, शिवपुरी रोड व टीकमगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर कड़ी चौकड़ी बरती जा रही है। यहां उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस अपने - अपने राज्य की सीमा रेखाओं में रहकर निगरानी में जुटी र्हुइं हैं। केवल फल, सब्जी, राशन, दवाई व अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही आवागमन की छूट दी जा रही है। बाकी, यहां से वहां या वहां से यहां की ओर आने वाले दुपहिया व चौपहिया वाहनों को वापस लौटा दिया जा रहा है।
वाहन चालकों की हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
बाहरी जिलों से आने वाले ट्रक व अन्य मालवाहन वाहनों के ड्राइवर व अन्य स्टाफ की बॉर्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें स्वास्थ्य सही पाए जाने पर ही पुलिस प्रवेश की इजाजत दे रही है। खांसी, बुखार आदि के लक्षण पाए जाने पर सूचना मेडिकल टीम को दे दी जाती है। मेडिकल टीम की हरी झंडी के बाद ही वाहन जिले की सीमा के अंदर प्रवेश कर पा रहे हैं।
जिले के बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। आवश्यक सामग्री लाने वाले वाहनों को ही सीमा में प्रवेश का मौका दिया जा रहा है। ड्राइवर व अन्य स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही वाहनों को अंदर आने की इजाजत दी जा रही है। पुलिस चौबीसों घंटे चौकस है। क्षेत्र कोरोना से महफूज बना रहे, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
- सुभाष सिंह बघेल, पुलिस महानिरीक्षक - झांसी परिक्षेत्र