किरायानामा हो या एग्रीमेंट, आमतौर पर 100 रुपये के स्टांप पेपर का उपयोग किया जाता है। इसी तरह 50 रुपये के स्टांप पेपरों की भी मांग बनी रहती है। लेकिन, पिछले एक माह से जिले में उक्त कीमतों के स्टांप पेपर नहीं हैं। इससे स्टांप पेपरों के खरीदारों के साथ-साथ स्टांप वेंडरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। पचास रुपये के एक स्टांप पेपर की जगह लोगों को 10-10 रुपये के पांच स्टांप पेपरों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। यही स्थिति 100 रुपये के स्टांप पेपर के साथ भी बन रही है। कमी की वजह से ओवररेटिंग भी शुरू हो गई है। स्टांप विक्रेता संदीप शर्मा ने बताया कि आखिरी बार 50 व 100 रुपये के स्टांप पेपर जून की शुरुआत में मिले थे। तब से नहीं मिले हैं। वहीं, मुख्य कोषाधिकारी राम पाल ने बताया कि ऑर्डर दिया गया है। जल्द ही कानपुर से स्टांप पेपरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।