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तीन करोड़ खर्च के बाद भी झटके

Sat, 09 Jul 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sooti mil, jhansi hindi news - फोटो : amar ujala
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झांसी। तीन करोड़ खर्च करके बिछाए गए बिजली के तार और खंभे एक साल भी नहीं चल सके। कई खंभे टेढ़े हो गए और सेक्शन पोल में आए दिन फाल्ट हो जाता है। इनसे जुड़े पंचवटी उन्नाव गेट और सूती मिल सब स्टेशन की परिधि में आने वाले ग्यारह हजार उपभोक्ताओं परेशान हैं। आए दिन बिजली गुल हो जाती है। इससे बिजली विभाग की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है। फिलहाल जिस कंपनी ने ये लाइनें बनाई हैं, उसकी जमानत राशि रोक दी गई है।
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 पहले हंसारी ट्रांसमिशन पावर हाउस से आने वाली 33 केवी लाइन से सीपरी बाजार, सूती मिल और उन्नाव गेट पंचवटी सब स्टेशन जुड़े हुए थे। एक ही लाइन से जुड़े होने के कारण तीनों सब स्टेशनों पर अकसर ओवर लोडिंग की समस्या बनी रहती थी। इस कारण विभाग ने सूती मिल और पंचवटी सब स्टेशनों को बड़ागांव के दुनारा स्थित 220 केवी सब स्टेशन से जोड़ने की योजना तैयार की। इसके तहत एक ही लाइन पर पंचवटी और सूती मिल के लिए 33 केवी फीडर बनाए गए। कोई बीस किलोमीटर लंबी इस लाइन में 270 खंभे लगाए गए हैं। सूती मिल और उन्नाव गेट सब स्टेशनों को इस लाइन से करंट दिया जा रहा है। लेकिन इस लाइन में महीने में कई बार फाल्ट होते हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को घंटों अंधेरे में गुजारने पड़ते हैं। आंधी और बारिश में फाल्ट होना तय है।

‘वितरण खंड को लाइन हैंडओवर कर दी गई है। बीच में लाइन में कुछ समस्या आने पर 16 अतिरिक्त खंभे लगा दिए गए हैं। अब अगर कोई दिक्कत आएगी तो वितरण खंड के अधिकारी ही उसे ठीक कराएंगे। चूंकि, अभी कंपनी की जमानत राशि (करीब 35 लाख) जमा है। ऐसे में अगर लाइन में कोई बड़ी समस्या आती है तो कंपनी जमानत राशि जब्त कर उसे वितरण खंड को दे दिया जाएगा।’
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राजकुमार, अधिशासी अभियंता (विद्युत माध्यमिक कार्य खंड)।

ये है दिक्कत

विद्युत माध्यमिक कार्य खंड ने मैनपुरी की अमित इंजीनियरिंग कंपनी से दुनारा से सूती मिल और उन्नाव गेट तक नई 33 केवीए लाइन तीन करोड़ की लागत से बिछावाई थी। इस लाइन को जून 2015 में चालू कर दिया गया था। एक ही खंभे से 33 केवीए के दो सर्किट आए हैं, जिसमें एक से सूती मिल और एक से पंचवटी सब स्टेशन जुड़ा हुआ है। सूती मिल सर्किट लगातार फाल्ट के कारण बंद  है और एक ही सर्किट से दोनों सब स्टेशन में करंट दौड़ाया जा रहा है।
 
कागज में हैंडओवर
 सूती मिल और पंचवटी स्टेशन विद्युत वितरण खंड (द्वितीय) के अंतर्गत आते हैं। लाइन में कमियों के चलते अधिशासी अभियंता (द्वितीय) ने हैंडओवर (हस्तांतरण) करने से इंकार कर दिया था। मगर, विगत 22 जून को माध्यमिक खंड के अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा कि अगर वह एक सप्ताह में लाइन को हैंडओवर नहीं करते है तो स्वत: हैंडओवर मानकर कार्यदायी संस्था (कंपनी) को भुगतान कर दिया जाएगा।

 एक नजर

-  सूती मिल सब स्टेशन से आर्मी, इंडस्ट्रीयल व एचपीसीएल इमरजेंसी फीडर के अलावा थापक आग, आईटीआई, बालाजी रोड, ग्रासलैंड, कांशीराम कॉलोनी व अंसल कॉलोनी फीडर जुड़े हुए हैं।
- यहां दस आठ के एक और दस एमवीए का एक ट्रांसफार्मर हैं। इनसे इलाके के 110 मिनी ट्रांसफार्मर जुड़े हैं।
- पंचवटी उन्नाव गेट सब स्टेशन से नारायण बाग, उन्नाव गेट, थापक बाग, उन्नाव बालाजी (ग्रामीण) फीडर जुड़े  हैं।
- उन्नाव बालाजी फीडर से भोजला, गढमऊ और उड़ेना तक तीस किलोमीटर दूर तक के सभी गांव जुड़े हुए हैं।    
- इन दो सबस्टेशनों से आठ लाख यूनिट बिजली बेची जाती है जिसके जरिए विभाग को लगभग चार करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है।

ये प्रमुख मोहल्ले जुड़े हैं
- अयोध्या पुरी, अंदर- बाहर उन्नाव गेट, पंचवटी, शीतल कॉलोनी, थापक बाग, अलीगोल, नाले का बाग, आईटीआई सिद्धेश्वर नगर, नया गांव, महेंद्र पुरी कॉलोनी, पाल कॉलोनी, भांडेरी गेट, मेवातीपुरा, पठौरिया, ग्वालियर रोड क्रासिंग, इंडस्ट्रीयल एरिया, अंसल कॉलोनी, आर्मी, कांशीराम कॉलोनी और उन्नाव बालाजी रोड के पच्चीस किलोमीटर क्षेत्र में बसे गांव।
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ये भी समस्याएं
- जमीन पर कंक्रीट उचित मात्रा में न डालने से रास्ते के कई खंभे तिरछे हो गए हैं।
- कई खंभों के बीच खींचे तारों में स्पान (खिंचाव) नहीं है। इस कारण ये ढीले हो गए हैं। आंधी के दौरान तार आपस में टकराने पर फाल्ट हो जाता है।
- नई लाइन के इंसुलेटर और डिस्क पहली बारिश में ही बर्स्ट होने लगे है।  सेक्शन पोल में इंसुलेटर गेप बहुत कम है।  
 
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