अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शहरों की भागदौड़ भरी जिंदगी को पीछे छोड़कर यदि आप कुछ समय सुकून का बिताना चाहते हैं तो सीधे झांसी के गांव सेवकरा धवा में चले आइए। यहां आपको खेत के बीच रहने का मौका मिलेगा। यहां रहकर आप खेती-किसानी के तौर तरीके भी जान सकेंगे। इसके अलावा बुंदेली व्यंजनों का लुत्फ उठाने का भी मौका मिलेगा। फार्म स्टे की यह अनूठी शुरुआत झांसी के किसान सियाराम ने की है।
सियाराम का बंगरा-पलरा मार्ग पर सड़क से लगा हुआ एक एकड़ का खेत है, जिसमें वह सब्यिजों की खेती करते हैं। इसके अलावा खेत के एक हिस्से में वे बागवानी भी करते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने खेत पर फार्म स्टे की शुरुआत की है। इसके लिए खेत पर दो कमरे तैयार किए हैं, जिन्हें रहने के लिए वे लोगों को देते हैं और प्रतिदिन के हिसाब से किराया लेते हैं। भोजन में खेत से तोड़कर पकाई गईं ताजा सब्जियां परोसी जाती है।
खेत में पली गाय के ताजा दूध की चाय परोसी जाती है। उनके खेत पर खड़े होकर आसपास देखने पर चारों ओर हरियाली ही नजर आती है। सियाराम बताते हैं कि उनके खेत पर फार्म-स्टे के लिए आने वाले तमाम लोग ऐसे होते हैं, जिनके खेतीबाड़ी के बारे में जरा भी जानकारी नहीं होती है। ऐसे लोगों को वे खेतीबाड़ी के तरीके भी बताते हैं।
बुंदेलखंड में एग्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किसान सियाराम द्वारा की गई इस पहल पर उन्हें प्रदेश स्तर पर सम्मान भी हासिल हो चुका है। पर्यटन विभाग की ओर से राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर सिल्वर कैटेगरी में उन्हें बेस्ट फार्म स्टे पुरस्कार दिया गया था।
कठिया गेहूं को मिल चुका है जीआई टैग
झांसी में फार्म स्टे की शुरुआत करने वाले किसान सियाराम कठिया व्हीट फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के संचालक भी हैं। उनके कठिया गेहूं का जीआई टैग भी हासिल हो चुका है। वह अन्य किसानों के साथ मिलकर कठिया गेहूं करते हैं, जिससे बनाया गया दलिया देश के कई हिस्सों में जाता है। इसके लिए भी वे सरकार से सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।