लॉकडाउन के खत्म होते ही रेलवे ने लूपलाइन से ट्रेनों को गुजारने की स्पीड बढ़ाकर 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी है। इसी तरह शंटिंग के दौरान इंजन को बदलते या घुमाते वक्त उप स्टेशन प्रबंधक, शंटिंग मास्टर, गार्ड शंटिंग में एक का होना जरूरी है। लॉकडाउन के दौरान दस मई को आगरा रेलवे यार्ड में डीजल इंजन पटरी से उतर गया था। इसके बाद जो ट्रेनें रेलवे स्टेशन पर आने से पूर्व मेन लाइन से लूप लाइन होकर आ रहीं थीं, उनकी स्पीड घटाकर 30 की जगह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कर दी गई थी। एक जून से दोबारा स्पीड को बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। इसी तरह शंटिंग (स्टेशन के आसपास ही इंजन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने) के दौरान चलने एवं रुकने के लिए केवल हरे एवं लाल हाथ सिग्नल का प्रयोग किया जाएगा। सफेद बत्ती से चलने का संकेत नहीं दिखाया जाएगा। शंटिंग के दौरान कपलिंग, कोई लटकने वाली फिटिंग एवं पाइप आदि का ध्यान रखना होगा। शंटिंग के दौरान दिए गए अनुदेश यदि बदलना है तो शंटिंग का कार्य पूरी तरह रोककर शंटिंग कर्मचारी को जानकारी दी जाएगी।