झांसी। नवरात्र और रमजान आते ही शहर में नींबू के रेट फिर से इस कदर बढ़ गए हैं कि नींबू दाल, तेल, रिफाइंड और पेट्रोल से भी महंगा बिक रहा है। यही नहीं, एक कप चाय भी नींबू से सस्ती है। बाजार में जहां एक नींबू की कीमत त्योहार शुरू होते ही 10 से 12 रुपये हो गई है। वहीं, किलो में इसकी कीमत 200 रुपये के पार पहुंच गई है। दुकानदार बता रहे हैं गर्मी और त्योहार पर रेट अभी और बढ़ सकते हैं।
नवरात्र और रमजान के दिनों में घर-घर नींबू का प्रयोग बहुत होता है। लोग नींबू पानी और शिकंजी के अलावा पकवान और खाने में भी नींबू का उपयोग करते हैं। इधर, नींबू की फसल खराब होने से मार्च में इसके रेट एकाएक बढ़ गए थे। पहले नींबू 140 से 160 रुपये किलो हुआ। इसके कुछ दिन बाद ही रेट 180 से 200 रुपये किलो के आसपास हो गए। वहीं, इधर नवरात्र और रमजान के चलते नींबू के रेट 200 रुपये किलो से भी अधिक हो गए हैं। अयोध्यापुरी, गणेश चौराहा, बड़ी सब्जी मंडी, आवास विकास, नरिया बाजार, नगरा हाट का मैदान और कई फुटकर मंडियों में नींबू साइज के अनुसार 180 से 215 रुपये किलो तक बिक रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बुंदेलखंड की जलवायु खट्टे फलों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। झांसी के आसपास और ललितपुर में नींबू की फसल अच्छी होती है। लेकिन, पिछले दो सालों में मौसम में हो रहे परिवर्तन से नींबू का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। इस साल भी ललितपुर के किसान सुशील कुमार, वृंदावन और सजन सिंह बता रहे हैं कि पिछले साल की तरह इस बार भी फसल अच्छी नहीं है। पेड़ पर फूल तो आया लेकिन पैदावार प्रभावित हो गई। इस कारण से अभी से नींबू महंगा हो गया है।
उधर, झांसी में नींबू विक्रेता अरबाज खान, संतोष और दयाराम बता रहे हैं कि बाजार में ज्यादातर इंदौर और महाराष्ट्र का नींबू आ रहा है। इसमें मालभाड़ा और पेट्रोल-डीजल का खर्च मिला दें तो बाहर से आया नींबू दुकानदार को भी महंगा पड़ रहा है। थोक में ही नींबू 160-180 रुपये किलो बिक रहा है। इधर, नवरात्र और रमजान के कारण खपत और बढ़ रही है, जबकि बाजार में माल कम है, इससे भी नींबू एक-दो हफ्ते में ही और महंगा हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आदेश कुमार बताते हैं कि पैदावार इस बार भी प्रभावित दिख रही है।
उधर, बाजार में अरहर की दाल की कीमत 110 से 115 रुपये किलो है। वहीं, पेट्रोल के रेट 96.48 रुपये प्रति लीटर हैं। जबकि नींबू 215 रुपये किलो तक मिल रहा। अयोध्यापुरी सब्जी मंडी के दुकानदार सलमान और बीकेडी के पास सब्जी लगाने वाले विक्रेता सुरेश बताते हैं कि नवरात्र और रमजान में नींबू पानी के लिए नींबू की ज्यादा खपत होती है। वहीं, बाजार में भी शिकंजी मिलने के कारण नींबू की मांग ज्यादा हो गई है। ऐसे में रमजान के दौरान नींबू के रेट और बढ़ सकते हैं।
पिछले साल 300 रुपये किलो तक बिका था नींबू
बुंदेलखंड में पिछले साल पड़ी भीषण गर्मी और फरवरी व मार्च में हुई बारिश के कारण नींबू की फसल खराब हो गई थी। उस वक्त नींबू यहां 300 रुपये किलो तक बिक गया था। कृषि वैज्ञानिकों ने इसका कारण नींबू के पेड़ पर लगा फूल झड़ जाना बताया था। झांसी और ललितपुर में नींबू का 50 से 60 फीसदी उत्पादन प्रभावित हुआ था। इससे पिछले साल पूरे सीजन में नींबू काफी महंगा रहा था।