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जल्द निजी हाथों में होगा रेलवे भोजनालय

Wed, 01 Jul 2015 11:46 PM IST
झांसी / ब्यूरो
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तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा के पांच साल बाद अब मंडल रेल प्रशासन झांसी स्टेशन पर बने भोजनालय को ठेके पर देने जा रहा है। अभी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) भोजनालय को संचालित कर रहा है।
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तत्कालीन रेल मंत्री ने वर्ष 2010 में खानपान व्यवस्था भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के हाथों से वापस लेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन पांच साल बाद भी रेलवे पूरी तरह इसे अपने हाथ में नहीं ले सका है। घोषणा के बाद  पहले चरण में रेलवे ने झांसी रेल मंडल के ग्वालियर, मुरैना, उरई, बबीना, ललितपुर, मानिकपुर, चित्रकूट, बांदा, खजुराहो व महोबा स्टेशनों की व्यवस्था को आईआरसीटीसी से वापस लिया था, जबकि दूसरे चरण में झांसी स्टेशन पर लगे अलग-अलग कंपनियों के स्टाल अपने हाथों में ले लिए थे। तीसरे चरण में प्लेटफार्म पर मौजूद आठ स्टाल भी उसने अपने हाथों में ले लिए, लेकिन भोजनालय को लेने में अनेक दिक्कतें आ रही थीं। सबसे बड़ी दिक्कत रेलवे द्वारा खानपान का बजट समाप्त करना व कर्मचारियों की कमी थी। अगर रेलवे खानपान की व्यवस्था अपने हाथों में ले भी लेता, तो उसे आईआरसीटीसी कर्मचारियों का सहारा लेना होता। चूंकि दोनों के वेतन देने के मापदंड अलग-अलग हैं, इस कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। वहीं, आधी अधूरी व्यवस्था में न तो आईआरसीटीसी और न रेलवे यात्रियों को खानपान की संतोषजनक सुविधा दे पा रहा है। भोजनालय को ठेके पर देने के लिए पिछले दिनों टेंडर आमंत्रित किए गए थे। पांच साल के लिए ठेका देने के लिए 29 लाख रुपये लाइसेंस फीस निर्धारित की गई है। बुधवार को टेंडर डाले गए। इस दौरान तेरह लोगों ने अपनी निविदाएं डालीं। रेलवे बोर्ड की नीति के अनुसार जिस ठेकेदार ने 29 लाख के ऊपर सबसे अधिक रेट डाले होंगे उसे प्रपत्रों की जांच के बाद ठेका दे दिया जाएगा।
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