झांसी। ललितपुर के सतवांसा गांव के सोनू को लाने के लिए ललितपुर जिला प्रशासन की ओर से राजस्व निरीक्षक और एक सब इंस्पेक्टर अमृतसर के लिए रवाना हुए। उनके साथ सोनू के पिता रोशन सिंह भी गए हैं। ये लोग ललितपुर से शताब्दी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली गए हैं। शुक्रवार सुबह दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस से अमृतसर पहुंचेंगे। उधर, सतवांसा गांव में सोनू की वापसी पर जश्न की तैयारियां चल रही हैं।
पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में 13 साल सजा काट कर अमृतसर लौटे सोनू सिंह को घर लाने की शुभ घड़ी आ गई। जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर मड़ावरा के राजस्व निरीक्षक रहीम खान (कानूनगो) और सब इंस्पेक्टर विष्णु सोनू के पिता रोशन सिंह के साथ गए हैं। राजस्व निरीक्षक ने बताया कि बृहस्पतिवार रात दिल्ली पहुंचने के बाद शुक्रवार सुबह वे लोग ट्रेन से अमृतसर रवाना होंगे। शुक्रवार रात को वे अमृतसर पहुंच जाएंगे। वहां के थाना सिहाटा से सोनू उन्हें सुपुर्द किया जाएगा। यह प्रक्रिया शनिवार को होने की उम्मीद है।
इसके बाद सोनू को साथ लेकर पहली ट्रेन से वे सीधे ललितपुर आएंगे। बेटे को लाने जाते वक्त सोनू के पिता की आंखों गजब की चमक और खुशी थी। दोनों सरकारी कर्मचारी भी खासे उत्साहित थे। पाकिस्तान से आने के बाद 38 दिन से सोनू अमृतसर में रह रहा है। ललितपुर जिला प्रशासन की हीलाहवाली की वजह से वह अपने घर नहीं आ सका था। अमर उजाला ने लगातार यह मामला प्रमुखता से उठाया। यही नहीं इसे गृह सचिव तक पहुंचाया। इसके बाद दोनों गृह विभाग ने बुधवार को सोनू को लाने की अनुमति और निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे।
भावुक पिता ने अमर उजाला का जताया आभार
ट्रेन में बैठते वक्त सोनू के पिता रोशन सिंह ने भावुक होकर अमर उजाला का आभार जताया। कहा कि अमृतसर से वे और उनके भाई सोनू को नहीं ला सके थे। इसके बाद ललितपुर के अधिकारियों के रवैये ने बहुत हताश कर दिया था। समाचार पत्र ने लगातार मामले को तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया। अमृतसर के अधिकारियों से बात की, लखनऊ के बड़े अधिकारियों से बात कर सारी व्यवस्था करवाईं। अगर इस तरह पैरवी न हुई होती तो सोनू को न जाने कितने दिन अमृतसर में ही रहना पड़ता।