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कहीं ओला, तो कहीं बस में चलकर सोनू को लेने टीम अमृतसर पहुंची

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investigation.jpg - फोटो : investigation.jpg
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कभी ओला तो कभी बस से अमृतसर पहुंची सोनू को लेने गई टीम
दिल्ली में किसान आंदोलन ने रोकी राह, लेकिन हौसले ने आगे बढ़ाया
अमर उजाला लगातार मामले को उठा रहा, दूर हो चुकीं प्रशासनिक बाधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पाकिस्तान से लौटे सोनू सिंह को घर लाने के लिए रवाना हुई जिला प्रशासन की टीम शुक्रवार की रात अमृतसर पहुंच गई है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर सोनू अपने घर लौटेगा। हालांकि, दिल्ली में किसान आंदोलन ने टीम की राह रोक दी, लेकिन हौसले ने उन्हें आगे बढ़ाया। वह कभी ओला (कैब) से तो कभी बस पकड़कर आगे बढ़ते रहे।
ग्राम सतवांसा निवासी सोनू सिंह तेरह वर्षों तक पाकिस्तान की जेलों में रहने के बाद बीते सवा माह पहले 26 अक्टूबर को अमृतसर वापस लौट आया। लेकिन ललितपुर जिला प्रशासन की हीलाहवाली की वजह से 39 दिन बाद भी उसकी तक घर वापसी नहीं हो सकी है। अमर उजाला लगातार सोनू का मामला उठाता रहा। अमृतसर प्रशासन और उत्तर प्रदेश के गृह सचिव से संपर्क कर मामले से अवगत कराया। इसके बाद गृह विभाग ने ललितपुर प्रशासन को सोनू को लाने की अनुमति और निर्देश दिए।
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शासन से अनुमति मिलने के बाद बृहस्पतिवार की शाम को जिला प्रशासन की टीम राजस्व निरीक्षक रहीम खान और सब इंस्पेक्टर विष्णु के साथ सोनू के पिता शताब्दी से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके बाद नई दिल्ली पहुंचने के बाद आगे की यात्रा में किसान आंदोलन बाधा बना। उन्हें शुक्रवार दोपहर तक नई दिल्ली से अमृतसर के लिए न तो कोई ट्रेन ही मिल सकी और न ही कोई बस। लेकिन उनका हौसला उन्हें आगे बढ़ाता रहा। वह कभी ऑटो, तो कभी ओला से दिल्ली के बॉर्डर तक पहुंच गए। वहां से ओला पकड़कर शुुक्रवार की रात ही अमृतसर के नजदीक बॉर्डर तक पहुंच गए। देर रात ही वहां से वे तीनों बस के माध्यम से अमृतसर रवाना हो गए। उम्मीद है कि शनिवार की सुबह अमृतसर में सोनू से मिलकर उसकी वापसी की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसे वापस लेकर जल्द ही ललितपुर वापस लौटेंगे।
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