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Jhansi: ग्वालियर के कॉलेज संचालक के बेटे की हत्या, शव को झाड़ियों में फेंका, जानिए वजह

Thu, 29 Dec 2022 09:57 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

ग्वालियर के सिटी सेंटर सत्यम रेजीडेंसी निवासी प्रशांत सिंह परमार स्कूल-कॉलेज के संचालक हैं। उनका पुत्र अभय उर्फ प्रखर प्रताप सिंह परमार (23) कामकाज में हाथ बंटाता था। पिता प्रशांत सिंह ने बताया कि मंगलवार की दोपहर ग्वालियर नगर निगम में कार्यरत एक व्यक्ति प्रखर को घर से बुलाकर ले गया। दोनों कार से निकले थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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पैसों के विवाद में तीन लोगों ने ग्वालियर के एक कॉलेज संचालक की हत्या कर शव को झांसी  के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित परवई रोड पर फेंक दिया। पुलिस जांच में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर बुधवार को शव परवई रोड से बरामद कर लिया गया।

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ग्वालियर के सिटी सेंटर सत्यम रेजीडेंसी निवासी प्रशांत सिंह परमार स्कूल-कॉलेज के संचालक हैं। उनका पुत्र अभय उर्फ प्रखर प्रताप सिंह परमार (23) कामकाज में हाथ बंटाता था। पिता प्रशांत सिंह ने बताया कि मंगलवार की दोपहर ग्वालियर नगर निगम में कार्यरत एक व्यक्ति प्रखर को घर से बुलाकर ले गया। दोनों कार से निकले थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। 

 

दोनों के मोबाइल लगातार बंद जा रहे थे। देर रात कार नगर निगम के ऑफिस के पास खड़ी मिली। इसके बाद परिवार के लोगों ने प्रखर प्रताप सिंह के लापता होने की सूचना विश्वविद्यालय थाने में दी। परिजनों के संदेह जताए जाने पर पुलिस ने प्रखर के साथ गए नगर निगम के कर्मचारी को हिरासत में ले लिया।सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि प्रखर प्रताप की हत्या कर दी गई है। इसमें दो और लोग भी शामिल हैं।

 

इस पर पुलिस ने बाकी दो और लोगों को पकड़ लिया। बताया गया कि कार में पीछे की सीट पर बैठे प्रखर प्रताप का पहले रस्सी से गला कसा गया और इसके बाद गोली मार दी गई। बाद में शव को झांसी में फेंक दिया गया। बुधवार को ग्वालियर पुलिस आरोपियों को झांसी लेकर आई। यहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से सीपरी बाजार थाना इलाके में हाईवे और रेलवे क्रॉसिंग के बीच परवई रोड के पास झाड़ियों में प्रखर का शव बरामद कर लिया गया।

 

मृतक के पिता प्रशांत परमार ने बताया कि हत्यारोपी नगर निगम कर्मचारी उनके घर आता-जाता रहता था। एक कॉलेज भवन के निर्माण की अनुमति दिलाने के लिए उसे सात लाख अस्सी हजार रुपये दिए थे। लेकिन, उसने रसीद नहीं दी। बेटे से डेढ़ लाख रुपये उधार और ले लिए थे। बेटा प्रखर प्रताप रोजाना उससे पैसे मांगने जाता था। इसे लेकर सोमवार को उसकी आरोपी से बहस भी हुई थी। पैसों के विवाद में उसने बेटे की हत्या कर दी।

 

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