अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मंदिरों में हवन कराए, मन्नतें मांगीं... कोई ऐसा दर नहीं छोड़ा जहां संतान की चाह में प्रियंका और नीलेश से अर्जी न लगाई हो। प्रियंका जब संतान न होने के गम में रोती तो नीलेश भी परेशान हो जाता। चार साल पहले 2020 में भगवान ने दोनों की मुराद पूरी भी की। बेटे की किलकारी गूंजी तो घर भी खुशियों से भर गया। मगर नीलेश इन खुशियों से दूर होता चला गया और शराब पीने लगा। जिस बेटे के लिए उसने मन्नतें मांगी थीं, शराब के नशे में उसी का गला दबा दिया। गुस्से और आवेश में वह इस कदर भर गया कि गला दबाते वक्त अपने जिगर के टुकड़े को तड़पते देख भी नहीं पिघला। परिजनों का कहना है शराब की लत ने एक साथ तीन जिंदगियां तबाह कर दीं।
नीलेश और प्रियंका की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के कई साल तक दंपती को संतान नहीं हो रही थी। इस बात से सबसे अधिक नीलेश परेशान रहता था। खुद प्रियंका को लेकर कई जगह वह मन्नत मांगने जाता था। काफी मन्नत मांगने के बाद चार साल पहले 2020 में उनको बेटा हुआ था। परिजनों का कहना है कि धीरे-धीरे नीलेश शराब का लती होता गया। घर से अक्सर पैसे मांगता था। उस पर कर्ज भी हो गया था। उसके पिता होमगार्ड हैं। पिता ने उसकी ऑटो खरीदने में मदद की लेकिन, उसको चलाने से मिलने वाले अधिकतर पैसे वह शराब पीने में खर्च कर देता था। आर्थिक तंगी से परेशान रहने लगा। शराब पीकर घर लौटने पर पत्नी प्रियंका के साथ मारपीट करना आम बात हो गई। कई दफा पत्नी को बेल्ट से भी पीटा था। पति की मारपीट से आजिज आकर प्रियंका ने कोतवाली में शिकायत भी की थी लेकिन, नीलेश सुलह कर लेता था। कुछ दिन तक ठीक रहने के बाद वह फिर अपने पुराने रवैये में आ जाता था।
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पूरे कमरे में बिखरी पड़ीं थीं चूड़ियां
जिस कमरे में प्रियंका और उसके मासूम बच्चे का शव मिला, उस कमरे में पूरा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। कमरे को देखने से लग रहा था कि दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई है। प्रियंका के हाथ में कोई चूड़ी नहीं बची थी। चूड़ियों के टुकड़े पूरे कमरे में जगह-जगह बिखरे हुए थे। प्रियंका का शव पलंग के पास जमीन पर पड़ा था। उसके माथे के पास खून के निशान थे। गले के चारों ओर काला निशान पड़ा था वहीं, बेटे का भी गला दबाने के बाद शव को फंदे से लटका दिया था। जिस वक्त यह वारदात हुई प्रियंका का भाई मोनू अपनी पत्नी भावना एवं बेटे को लेकर छोटी बहन नेहा से मिलने बबीना गया था।
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इनसेट
सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस
प्रियंका का भाई मोनू शादी-विवाह में पंडाल सजाने का काम करता है। रोजाना घर में काम-काज के सिलसिले में तमाम लोगों का आना-जाना है। इस वजह से मोनू ने घर में दो सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए हैं। एक कैमरा ठीक गेट के बाहर लगा है जबकि दूसरा कैमरा अंदर हॉल में लगा हुआ है। जिन परिस्थितियों में तीनों के शव मिले हैं उसके मुताबिक पुलिस फिलहाल यह मानकर चल रही है कि नीलेश ने ही पत्नी और बेटे की पहले गला घोंटकर हत्या की। उसके बाद खुद भी किचिन में लाकर फांसी लगा ली। पूछताछ में उस समय उसके घर में किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने की बात मालूम नहीं चली है। घटना की छानबीन के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जाएगा।
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बेटी के ससुर पर लगाए आरोप
प्रियंका एवं उसके मासूम बेटे का शव मिलते ही उसकी मां कमलेश एवं पिता ज्वाला प्रसाद साहू बदहवास हो गए। मां कमलेेश रोते-बिलखते हुए जिस कमरे के अंदर शव पड़े थे, उसके दरवाजे पर ही जा बैठी और पुलिस अफसरों से नीलेश के पिता को बुलाने की जिद करने लगी। पुलिस अफसरों से कहा कि पिता की शह पर ही नीलेश उसकी बेटी को मारता पीटता था। उसका पिता होमगार्ड में था। इस वजह से नीलेश डरता नहीं था। अब जब तक उसका पिता यहां नहीं आएगा तब तक वह शव को नहीं ले जाने देगी। हालांकि पुलिस अफसरों ने उसे समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।