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पुलिस को झांसा देने के लिए बिहार के सीवान से भेजा जाता था सॉल्व पेपर

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झांसी। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाला गिरोह के तार बिहार से भी जुड़े हुए हैँ। गिरोह का सरगना देवरिया के इंटर कॉलेज से पेपर लीक कर उसे बिहार के सीवान में सॉल्व कराने के बाद व्हाट्सएप के जरिए झांसी व अन्य जनपदों में भेजता था। पुलिस से बचने के लिए बिहार से ही साल्व पेपर भेजा जाता था। गिरोह के मुख्य सरगना को दबोचने के लिए अब एसओजी टीम बिहार जाएगी।
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यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले गिरोह से कई लोग जुड़े हुए हैं। झांसी के प्रेमनगर क्षेत्र के एक कॉलेज में 26 फरवरी को पकड़े गए दो छात्रों से सॉल्व कापी बरामद होने के बाद एक- एक कर नए खुलासे हो रहे हैं। देवरिया से पकड़े आरोपियों ने पूछताछ मेें बताया कि एक रिश्तेदार का देवरिया में कॉलेज है। यहां से पेपर लीक करने के बाद बिहार के जिला सीवान ले जाया जाता था। यहां पेपर सॉल्व करने के बाद झांसी के करारी रेलवे स्टेशन पर तैनात डिप्टी एसएस चंद्रशेखर झाँसिया को व्हाट्सएप से भेजा जाता था। यहां झांसी के रामअवतार, अभय व राज गुप्ता को पेपर देकर अन्य छात्रों के पास लीक कराया जाता था। इसके एवज में छात्राें से दो से चार और आठ हजार रुपये तक वसूल किए जाते थे। पुलिस से बचनेे के लिए पूरा नेटवर्क बिहार के सीवान से चल रहा था, ताकि पूरे गिरोह के किए जा रहे काम की जानकारी पुलिस तक न पहुंच सके। शालू व शाकिब से जानकारियां जुटाने के बाद एसओजी टीम जल्द ही बिहार रवाना होगी। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी पुलिस को मिलेंगी।
अब तक ये हो चुके गिरफ्तार
26 फरवरी को पकड़े गए दो छात्रों के अलावा झांसी के रामअवतार, अभय व राज गुप्ता की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने देवरिया जिले से 28 फरवरी को शालू खातून, शाकिब अली और एक नाबालिग बालिका को पकड़ा था। तीनों बिहार के सीवान जिले के गुठनी थानाक्षेत्र के डड़ैला गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों की सूचना पर 29 फरवरी को झांसी के थाना प्रेेमनगर के रेलवे कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर झांसिया को पकड़ा गया, जो झांसी ज़िले के रैकेट का सरगना बताया गया है।
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हाथ नहीं आ रहा मुख्य आरोपी
शालू, शाकिब व एक अन्य नाबालिग की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जानकारी मिली थी कि सरगना देवरिया जिले का रहने वाला है। गिरफ्तारी करने देवरिया पहुंची एसओजी टीम को कड़ी मशक्कत करना पड़ी थी। इसके बाद मुख्य आरोपी की लोकेशन बिहार के सीवान मिली थी। एसओजी टीम सीवान भी गई थी, लेकिन सरगना हाथ नहीं आ सका था। एसओजी टीम पुन: सरगना को दबोचने सीवान जाएगी।
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