तयशुदा योजना के मुताबिक अगर चीजें चलीं तब वर्ष 2021 तक सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में झांसी पूरे सूबे में अव्वल होगा। गरौठा में प्रस्तावित छह सौ मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क जून तक आरंभ हो जाने की उम्मीद है। तीन हजार करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस सौर ऊर्जा पार्क के लिए 2994 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसके जरिए बड़ी संख्या में युवा रोजगार भी पा सकेंगे।
बुंदेलखंड को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर बनाने की सरकार लगातार कोशिश कर रही है। इसमें झांसी को अग्रणी रखा गया है। इसके तहत तीन हजार करोड़ की लागत से 600 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क गरौठा में तैयार कराया जा रहा। इसका काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। आईआईटी, रुड़की टोपोग्राफिकल सर्वे का काम पूरा कर चुकी। अब डीपीआर बनाने के साथ ही तमाम सोलर कंपनियों को यहां जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इस सोलर पार्क के लिए गरौठा के जलालपुर, खरौरा, खेरी, जसवंतपुरा, डगरवाह, बामेर एवं राजापुर गांव चिन्हित किए गए हैं। यहां करीब 2994 एकड़ जमीन को लीज पर लेने का काम भी शुरू हो गया है। अधिकांश भूमि ऊसर है। जिन किसानों की जमीन ली गई उनको प्रत्येक वर्ष किराया दिया जाएगा।
इस सोलर पार्क के तैयार होने से बुंदेलखंड इलाके में बिजली की न सिर्फ वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध हो जाएगी बल्कि इसके जरिए युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलेगा। अधिकारियों का कहना है इसके जरिए तमाम बड़ी सोलर कंपनियां सौर ऊर्जा पैदा करने को प्लांट लगाएंगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर सौर ऊर्जा उत्पादन मामले में झांसी सूबे में सबसे अव्वल हो जाएगा। इसके अलावा अल्ट्रा मेगा रिन्युएबुल सोशल पावर पार्क योजना के तहत झांसी एवं जालौन में 1200 मेगावाट क्षमता का भी प्लांट प्रस्तावित है।
प्रोजेक्ट की मंजूरी संबंधी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। अब इसे स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उम्मीद है अगले छह माह तक यह यह काम करना आरंभ कर देगा।
एसके गुप्ता, परियोजना अधिकारी, नेडा