सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विवाहघर संचालकों के बीच सहमति बन गई है कि शहर के करीब डेढ़ सौ विवाहघर बिजली के स्थान पर अब सोलर एनर्जी को बढ़ावा देंगे। इसके लिए सभी विवाहघरों में सोलर लाइट लगाई जाएगी।
बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन की बैठक में विवाह घरों में होने वाली समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। बिजली बिल को लेकर आ रहीं समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। तय किया गया कि बिजली और जनरेटर से होने वाले खर्च में कटौती के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। बिजली को लेकर सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव दिए। खासकर टैंपरेरी बिजली मीटर को लेकर आने वाली समस्याओं के बारे में बताया गया कि पहले यह मीटर लगवाने पर 3,500 रुपये खर्च आता है, लेकिन अब यह खर्च बढ़कर दस हजार रुपये हो गया है। अब कनेक्शन तो कटवा दिए गए, लेकिन जनरेटर से डीजल का खर्च हो रहा है। इन हालातों में तय किया गया कि अब सभी विवाहघरों में सौर ऊर्जा प्लेटें लगवाई जाएंगी। इससे न केवल बिजली का खर्च कम हो जाएगा, बल्कि पावर कट की समस्या का भी समाधान हो जाएगा।
इन प्रस्ताव के मसौदे पर पंजीकृत 150 विवाहघराें से सुझाव मांगे गए हैं कि इसमें किस तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। यह भी बताया गया कि अब तीस साल उम्र तक काम करने वाली बैटरियां आ गई हैं। यह बैटरियां बेहतर क्वालिटी की हैं। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि विवाहघरों में लगने वाली स्ट्रीट लाइट भी सौर ऊर्जा वाली लगाई जाएंगी।
इस पर सहमति बन गई है। अगली बैठक में इस पर आने वाले पूरे खर्च और सौर ऊर्जा पैनल लगाने वाली कंपनी के बारे में विचार विमर्श किया जाएगा। इस मौके पर विवेक दत्त स्वामी, विकास कुशवाहा, अनूप सहगल, परमजीत सिंह उपस्थित रहे।