झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों के सौ शिक्षकों के दो या उससे अधिक कॉलेजों में पंजीकरण सामने आने के बाद बीयू अपने सॉफ्टवेयर में कई अहम बदलाव करने जा रहा है। कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने बताया कि सॉफ्टवेयर में जल्द ही शिक्षकों के आधार कार्ड नंबर और जन्मतिथि जोड़ने का विकल्प अनिवार्य किया जाएगा। ताकि, यदि किसी शिक्षक का पहले से कॉलेज में पंजीकरण हो तो तुरंत पता चल जाए।
शासन ने प्रदेश के सभी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन करने के लिए कहा है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन कर जैसे ही पड़ताल करी तो लगभग 100 शिक्षक जांच के फेर में फंस गए हैं। इन शिक्षकों का नाम और पिता का नाम हूबहू या फिर काफी मिलता-जुलता मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में जवाब मांगा गया है। कॉलेजों से भी शिक्षकों के बाबत जानकारी मांगी गई है। जवाब आने के बाद कई शिक्षकों पर शिकंजा कस सकता है। वहीं, बीयू का खुद का सॉफ्टवेयर होने के बावजूद कई कॉलेजों में एक ही शिक्षक का पंजीकरण होने के चलते सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। इस मामले में कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने बताया कि बीयू अब अपने सॉफ्टवेयर को और अपडेट करेगा। इसमें शिक्षकों के आधार कार्ड और जन्मतिथि का ब्योरा देना भी अनिवार्य किया जाएगा।
सिस्टम से हो जाती हैं नियुक्तियां
ऐसा नहीं है कि एक ही शिक्षक का कई कॉलेजों में पंजीकरण होने की किसी को जानकारी न हो। तमाम शिकायतें विश्वविद्यालय में आती रहती हैं लेकिन सुविधा शुल्क से शुरू होने वाला सिस्ट बनाने का खेल हर फर्जीवाड़े पर पानी फेरता रहता है। लिफाफे पहुंचते रहते हैं और शिक्षकों के पंजीकरण हो हरी झंडी मिल जाती है। खुद बीयू के ही कुछ लोग सलाह देते हैं कि नाम की स्पेलिंग में कुछ त्रुटि कर दो। हालांकि, अब बीयू प्रशासन ने सिक्योरिटी फीचर बढ़ाने का फैसला लिया है, उससे पारदर्शिता बढ़ेगी।