... तो क्या छुआछूत में नपे एडी बेसिक?
- फोटो : demo pic
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक को स्थानांतरित कर डायट रायबरेली का उप प्राचार्य बनाये जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो स्कूलों में छुआछूत की मामले को लेकर उन्हें हटाया गया है। इस संबंध में बुंदेलखंड के सात जिलों में से किसी एक बीएसए पर भी शीघ्र कार्रवाई होने की चर्चाएं भी गर्म हैं। गौरतलब हो कि नीति आयोग की टीम ने अपनी जांच में बुंदेलखंड के स्कूलों में छुआछूत की स्थिति पाई थी। हालांकि, एडी बेसिक स्थानांतरण को सामान्य प्रक्रिया बता रहे हैं।
नीति आयोग द्वारा दी गई अपनी रिपोर्ट में बुंदेलखंड के स्कूलों में मध्याह्न भोजन में विद्यार्थियों के साथ छूआछूत का भेद बरतने की बात कही थी, लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले को लगातार गलत बताते रहे। अपने बचाव में अधिकारियों का कहना था कि नीति आयोग की टीम मध्य प्रदेश के गांवों में चली गई होगी, क्योंकि बुंदेलखंड का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है और वहां के स्कूलों में छूआछूत की स्थिति मिली हो।
नीति आयोग की रिपोर्ट पर बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने बुंदेलखंड के सातों जिलों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट के बीएसए एवं झांसी तथा चित्रकूट मंडल के एडी बेसिक को शुक्रवार को लखनऊ तलब किया था। इसी बीच एडी बेसिक जीएस राजपूत का स्थानांतरण डायट रायबरेली में उप प्राचार्य पद पर कर दिया गया। स्थानांतरण का कारण विभागीय चर्चाओं में छूआछूत मामला है। इधर, एडी बेसिक के बाद किसी बीएसए पर भी कार्रवाई होने की चर्चाएं गर्म हैं।