झांसी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनवरी से आम जनमानस को सस्ता अनाज मिल पाना संभव होता नजर नहीं आ रहा है। हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं। स्थिति यह है कि अब तक योजना के तहत मिलने वाले खाद्यान्न को रखने के लिए गोदामों तक का इंतजाम नहीं हो पाया है। और तो और अब तक खाद्यान्न का ब्लाकवार आवंटन भी तय नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदेश के चौबीस जनपदों समेत झांसी का चयन शासन ने प्रथम चरण में किया है, जिसके तहत यहां एक जनवरी से योजना को लागू किया जाना है। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं। लेकिन, धरातल पर स्थितियां इतर हैं।
अधिनियम के तहत खाद्यान्न रखने के लिए खाद्य एवं विपणन विभाग को मऊरानीपुर में दो, बमनुआ टहरौली, बामौर, मानपुरा, दिगारा, मोंठ, गुरसरांय व बंगरा में एक-एक गोदामों की व्यवस्था करनी है। लेकिन, यह अब तक नहीं हो पाई है। इसके अलावा उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से खाद्यान्न का ब्लाकवार आवंटन भी किया जाना है।
यह भी अब तक नहीं हुआ है। अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। वह इस पर अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। मालूम हो कि अधिनियम के तहत नगर की 5,20,212 तथा ग्रामीण क्षेत्र की 9,47,717 की आबादी को लाभान्वित किया जाना है।
... तो झांसी पहुंचेगा तीसरे चरण में
झांसी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम को एक जनवरी से लागू करने के लिए व्यवस्थाएं यदि जिले में समय रहते पूरी नहीं हो पाईं, तो झांसी में यह योजना तीसरे चरण में लागू की जाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार फिर सस्ते अनाज के लिए पात्रों को मार्च तक इंतजार करना पड़ सकता है।