झांसी/बंगरा/कटेरा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कटेरा पर उपचार नहीं मिलने से सर्प दंश पीड़िता की बुधवार को मौत हो गई। परिजनों का आरोप है यदि पीएचसी पर डॉक्टर मौजूद होते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। कसबा कटेरा के गढ़ीपुरा निवासी प्रमोद प्रजापति की पत्नी पूनम (27 वर्ष) को मंगलवार की मध्यरात्रि करीब दो बजे सोते समय सांप ने डस लिया। प्रमोद के भाई मुकेश ने बताया कि करीब एक घंटे तक पूनम ने किसी को भी नहीं बताया। जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसने पति को सर्पदंश के बारे में बताया। जब हालात बिगड़ने लगी तो परिजन सुबह करीब सात बजे उसे लेकर पीएचसी पहुंचे, जहां न डॉक्टर मिला और न स्वास्थ्य कर्मी। आरोप है कि जब परिवार के सदस्य जगदीश ने पीएचसी पर तैनात डॉक्टर ने फोन पर वार्ता की तो उन्होंने अभद्रता करते हुए फोन काट दिया। 8:25 बजे डॉक्टर पीएचसी पहुंचे तो पूनम तक को सीएचसी ले जाने के लिए कहा। इसके बाद परिजन सीएचसी बंगरा ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, सीएचसी बंगरा के अधीक्षक डॉ. कृष्ण कुमार राजपूत ने बताया कि परिजन सुबह करीब 8:55 बजे पूनम को लेकर आए थे मगर तब तक मौत हो गई थी। तत्काल पुलिस को सूचित कर दिया गया। 0- डॉक्टर बोले, जेब में रखता हूं इस्तीफा पीएचसी के डॉक्टर व जगदीश के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें डॉक्टर नाश्ता करने के बाद आने की बात कह रहे हैं। इसके साथ ही कह रहे हैं कि वह अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमते हैं। जिसे जो करना हो कर ले, मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। 0- वर्जन
पूनम को रात करीब दो बजे सांप ने डसा। परिजनों को उसे लेकर सीधे सीएचसी लेकर जाना चाहिए था क्योंकि पीएचसी सुबह आठ खुलता है। हालत बिगड़ने पर परिजन पूनम को लेकर करीब 8:30 बजे पीएचसी पहुंचे थे, जहां डॉ. नवनीत ने देखा था। रही बात, पीएचसी पर डॉक्टर व कर्मियों के समय से उपस्थित नहीं होने की तो उनसे जवाब तलब करेंगे। डॉक्टर ने फोन पर आपत्तिजनक बात कही है, तो निश्चित ऑडियो की जांच करवाकर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी। डॉ. शिशिर पुरी, सीएमओ