रेल मंडल से संचालित ट्रेनों के वातानुकूलित कोचोें में आटोमेटिक स्मोक/ फायर डिटेक्शन लगने जा रहे हैं। इस प्रणाली के लगने पर अगर कोच के अंदर किसी प्रकार का धुआं उठता है तो तुरंत अलार्म बज उठेगा। शुरुआत में यह प्रणाली दस एक्सप्रेस ट्रेनों के 45 कोचों में लगेंगी।
यह प्रणाली एक नियंत्रित वातावरण में कोच के अंदर नियमित रूप से अलग- अलग स्थानों का नमूना लेती है। उसकी जांच कर आग लगने के प्रारंभिक चरण में ही आग एवं धुएं का पता लगाकर यात्रियों को अलार्म के माध्यम से सचेत कर देगी। इससे वक्त रहते प्रभावित कोच के यात्रियों को बाहर निकालने और जान- माल की हानि को रोका जा सकेगा।
अलार्म के चार चरण होंगे, जिसमें अलर्ट और एक्शन को दर्शाया जाएगा। पिछले कुछ सालों में इस प्रणाली का ट्रायल काफी ट्रेनों में किया गया है। रेलवे की रिसर्च विंग ‘’रेलवे डिजाइन एवं स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन’ द्वारा इस प्रणाली को तैयार किया गया है। इस प्रणाली को ट्रेन के एयर ब्रेक सिस्टम के साथ लिंक किया गया है, जिससे फायर टू अलार्म बजने से पहले ही ट्रेन रुक जाएगी।
ऐसी स्थिति में यात्री बिना किसी भगदड़ के कोच से बाहर निकल सकेंगे। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस सिस्टम को लगाने का टेंडर हो गया है। जल्द ही यह फायर डिटेक्शन कोचों में लग जाएंगे।