लकवे का अटैक पड़ने पर परिजन समय पर मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंच जाएंगे तो उसे ठीक किया जा सकता है। अस्पताल में मरीजों को नि:शुल्क इंजेक्शन लगाया जाता है। ऐसे ही एक मामले में लकवाग्रस्त मरीज को एक दिन में ठीक कर दिया गया।
जिला अस्पताल में जून 2017 से लकवे का इलाज शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार ने अस्पताल को कई इंजेक्शन उपलब्ध कराए हैं। वैसे तो इंजेक्शन की कीमत 40-50 हजार रुपये है लेकिन जिला अस्पताल में लकवे के मरीजों से नि:शुल्क इंजेक्शन लगाया जाता है। पुलिया नंबर नौ निवासी मुहम्मद हफीज को बीते मंगलवार को लकवे का अटैक पड़ा था। परिजनों ने सतर्कता बरतते हुए लोगों की मदद से समय पर मरीज को जिला अस्पताल पहुंचा दिया। इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज एक दिन में ठीक हो गया। हालांकि, एहतियात के तौर पर उसको तीन दिन भर्ती रखा गया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। वह चलने, फिरने और बोलने लगा है।
चार घंटे में पहुंचाएं मरीज
लकवे का अटैक पड़ने के बाद चार घंटे के अंदर मरीज को जिला अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा, तो उसे इंजेक्शन लगाकर ठीक किया जा सकता है। लकवे का अटैक ह्रदयघात की तरह ही होता है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। लकवे से पीड़ित के चलने, बोलने की क्षमता में कमी आने के अलावा चेहरे के हिस्से में बदलाव आ जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति बिस्तर पकड़ लेता है या उसकी मृत्यु हो सकती है।
ये हैं लकवे के लक्षण
- चलने में परेशानी
- संतुलन में कमी
- बोलने में दिक्कत
- सिर में बहुत दर्द होना
- सही से दिखाई न देना
- शरीर के एक हिस्से निष्क्रिय होना
चिकित्सक का सम्मान
मरीज का इलाज करने वाले जिला अस्पताल में डॉ. डीएस गुप्ता का कांग्रेसियों ने सम्मान किया। शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, मजहर अली, इरफान शेख, अब्दुल वहाब मौजूद रहे।