अफसरों की लापरवाही में फंसी स्मार्ट सिटी
प्रशांत शर्मा
झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना अधिकारियों की लापरवाही की चपेट में है। योजना की सफलता के लिए सरकार ने खजाना खोल रखा है, लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण यह योजना तेजी नहीं पकड़ पा रही है। योजना के तहत सरकार से नगर निगम को 96 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, लेकिन खर्च सिर्फ तीन करोड़ ही हुए हैं। इस वजह से शहर का विकास रुका पड़ा है। जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
केंद्र सरकार ने शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट सिटी योजना 2015 में लांच की थी। योजना के तहत चयनित शहरों में रहने वाले नागरिकों को पर्याप्त जलापूर्ति, बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, किफायती आवास (विशेष रूप से गरीबों के लिए), मजबूत आईटी कनेक्टिविटी और डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, सतत पर्यावरण, नागरिकों की सुरक्षा (विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को), स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकार नगर निगमों को बजट भी मुहैया करा रही है। झांसी नगर निगम को स्मार्ट सिटी योजना के तहत 96 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। लेकिन, नगर निगम अधिकारियों के शिथिल रवैये की वजह से महज तीन करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना पर झांसी नगर निगम के अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। बजट मिलने के बावजूद शहर का विकास रुका पड़ा है। इस संबंध में नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह का पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
ये काम ही हुए
स्मार्ट सिटी के तहत ढाई करोड़ रुपये से महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाई जा रही हैं। अब तक बीकेडी स्थित सिर्फ एक पिंक टॉयलेट ही शुरू हो सकी है। जबकि, मेडिकल कॉलेज, बस स्टैंड, कोतवाली और सीपरी पुल के पास स्थित पिंक टॉयलेट निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई पार्क में नौ लाख रुपये की लागत से एक झंडा लगाया गया है। वहीं, मैथिलीशरण गुप्ता और कांशीराम पार्क में 12-12 लाख रुपये से ओपन जिम बनाई गई हैं।
इन कामों के निकले टेंडर
- 100 से ज्यादा सरकारी भवनों में सोलर प्लांट लगाया जाना है। इसके अलावा 14 प्राइमरी स्कूलों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की जानी हैं।
- लगभग सौ सरकारी बिल्डिंगों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जानी है, ताकि बारिश के पानी का संचयन किया जा सके।
- सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास बननी हैं, ताकि विद्यार्थी बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकें। क्लास में प्रोजेक्टर के जरिए छात्र पढ़ सकेंगे।
- तालपुरा, सीपरी के प्राइमरी स्कूलों समेत आदर्श परिषद, मिशन स्कूल के जिन भवनों की हालत जर्जर हो चुकी है, उनका जीर्णोद्धार किया जाना है।
- नगर निगम बिल्डिंग में इंटीग्रेटिड कमांड सेंटर बनना है। सेंटर के जरिए ट्रैफिक की मॉनीटरिंग, प्रदूषण की स्थिति का जायजा, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के वाहनों की निगरानी, जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड रखना, यातायात नियम तोड़ने पर ई-चालान भेजना आदि काम एक साथ किया जा सकेगा।
ये भी होने हैं
- रेलवे स्टेशन से मिनर्वा तक 9.85 किलोमीटर की स्मार्ट सड़क का अलग-अलग चरणों में निर्माण किया जाना है।
- अरबन हाट में रिटेल स्टोर, प्रदर्शनी सेंटर, ओपन एयर ऑडिटोरियम सहित अन्य कार्य किया जाना है।
- आंतियाताल का विकास प्रस्तावित है। तालाब के बीचों बीच बने टापू पर कैफेटेरिया बनना व लाइटिंग होनी है।
- बिजौली झील का सौंदर्यीकरण होना है। यहां पर मोनो रेल या रोप-वे की सुविधा पर्यटकों को उपलब्ध करानी है।
- सीपरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में स्मार्ट वेंडिंग जोन का निर्माण किया जाना है।
- ऐतिहासिक पानी वाली धर्मशाला को संवारा जाना है। जीजीआईसी को अपग्रेड किया जाना है।
- पहूज नदी का भी योजना के तहत जीर्णोद्धार होना है। तत्कालीन सांसद उमा भारती इसके लिए निर्देश दे चुकी हैं।
- पशु चिकित्सालय में मल्टीलेवल पार्किंग, मल्टीप्लैक्स, दुकानें व शॉपिंग काम्प्लैक्स का निर्माण किया जाना है।
नगर आयुक्त से नाराजगी जता चुके मुख्य सचिव
पांच अक्तूबर को जनपद दौरे पर आए मुख्य सचिव आरके तिवारी ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत बेहद कम बजट खर्च होने पर नगर आयुक्त से नाराजगी जताई थी। उन्होंने पूछा था कि बजट कब आया तो जवाब मिला मार्च में। फिर उन्होंने सवाल किया कि 96 करोड़ में महज तीन करोड़ रुपये ही खर्च क्यों हो पाए हैं? तो अधिकारी बगले झांकने लगे थे। मुख्य सचिव ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा था कि योजना में नगर निगम बहुत पीछे चल रहा है। यह ठीक बात नहीं है। इसमें तेजी लाई जाए, वरना कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन..
मैं स्वीकार करता हूं कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत बेहद धीमी गति से काम चल रहा है। इस संबंध में नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से बात की जाएगी और कार्यों में तेजी लाई जाएगी। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर, नगर निगम।
स्मार्ट सिटी के तहत पिंक टॉयलेट, दो पार्कों में ओपन जिम का निर्माण, रानी लक्ष्मीबाई पार्क में झंडा लगाया गया है। सात कार्यों के टेंडर निकाले गए हैं। एक-डेढ़ महीने में वर्कऑर्डर जारी हो जाएगा। - अमित शर्मा, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी।