झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन योजना के दूसरे चरण में जगह बनाने को नगर निगम ने कैंपेनिंग शुरू कर दी है। इसके लिए बुधवार को इलाइट चौराहे पर शिविर लगाया गया, जिसमें 600 लोगों ने अपने सुझाव दिए। यह सभी ऑनलाइन किए जाएंगे। जबकि, शिविर अभी जारी रहेगा।
झांसी को स्मार्ट सिटी में शामिल कराने को योजना के पहले चरण में झांसी महानगर के लोगों ने भारी उत्साह दिखाया था। उसी का नतीजा था कि जनता की वोटिंग के मामले में झांसी देश के कई बड़े महानगरों को पीछे छोड़ते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब हो गया था। इसमें पहले स्थान पर कानपुर व दूसरे पर इलाहाबाद महानगर रहे थे। लेकिन, स्मार्ट सिटी मिशन योजना में शामिल पुनर्निर्माण के प्रोेजेक्ट में झांसी पिछड़ गया था।
शहर के किसी भी क्षेत्र के पुनर्निर्माण की योजना न बनने की वजह से पहले चरण में जगह बनाने में झांसी कामयाब नहीं हो सका था। लेकिन, अब दूसरे चरण में शामिल होने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में शहर के लोगों से स्मार्ट सिटी के स्वरूप, खूबियां, जन सुविधाएं आदि बिंदुओं पर सुझाव मांगे गए हैं। इसके लिए बुधवार को इलाइट चौराहे पर शिविर की शुरुआत हुई, जिसमें पहले दिन 600 सुझाव हासिल हुए। इस दौरान लोगों को स्मार्ट सिटी की ऑनलाइन वोटिंग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इससे पूर्व शिविर का शुभारंभ करते हुए महापौर किरण राजू बुक सेलर ने ज्यादा से ज्यादा लोगों से स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव देने की अपील की। शिविर में नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने कहा कि कैंप आने वाले दिनों में जारी रहेगा।
इस मौके पर अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, व्यापारी नेता राजू बुकसेलर, डॉ. राकेश बाबू गौतम, टी वी करमरकर, रविचंद्र निरंजन, हरगोविंद प्रसाद, सत्येंद्र सिंह, मनोज श्रीवास्तव, अनिल आजाद, राकेश साहू, प्रमेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
स्मार्ट सिटी में मिलेंगी यह सुविधाएं
- निर्बाध पेयजल व बिजली की होगी आपूर्ति
- अंडरग्राउंड होंगे बिजली के तार
- यातायात के सुगम होंगे साधन, चलेंगी सिटी बसें
- चौड़ी सड़कें सौर ऊर्जा से होंगी रोशन
- सीसीटीवी कैमरों की जद में रहेंगे सभी प्रमुख स्थान, चौराहे व सड़कें
- अंडरग्राउंड होंगी नालियां, डलेगी सीवर लाइन
- रोजगार के बढ़ेंगे अवसर, व्यापार के लिए बनेगा हब
- अंडरग्राउंड पार्किंग वाला स्मार्ट बस स्टैंड बनेगा
- अधिक लोड वाली सड़कों पर बनेंगे ओवरब्रिज
- शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था होगी दुरुस्त
- नई कॉलोनियों का होगा विकास, मिटेंगे स्लम एरिया