झांसी। सोल-टू-सोल फिल्म्स के बैनर तले अभिनय से जुड़े छात्रों के लिए एक कार्यशाला आयोजित हुई। अटकन-चटकन फेम निर्देशक शिवहरे ने छात्रों को अभिनय की बारीकियों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को बताया कि अभिनय एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन, कैमरे के सामने आते ही व्यक्ति मैकेनिकल हो जाता है। अकसर वह एक मशीन की तरह व्यवहार करने लगता है जबकि सबसे बड़ी जरूरत उसका स्वाभाविक रहना ही होता है। उन्होंने कहा, एक सफल अभिनेता के लिए आत्मविश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने छोटे शहरों को अभिनय के लिहाज से संभावनाशील बताते हुए कहाकि यहां शूटिंग के लिए भी अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए इन शहरों के मनिंद लोगों को आगे आना होगा। इस दौरान लाइन प्रोड्यूसर मनोज शर्मा, संदीप सरावगी, आशा पांडेय, उमा पराशर, एसके दुबे, ओमप्रकाश, विजय त्रिपाठी, अमित गुप्ता, आशुतोष पांडेय, आलोक गुप्ता, अभिषेक पांडेय समेत अन्य उपस्थित थे।