संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। उच्च श्रेणी की प्रीमियम ट्रेन स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ने 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की बाधा भी पार कर ली। सोमवार को आरडीएसओ के अधिकारियों की निगरानी में ट्रेन को अधिकतम गति पर दौड़ाया गया। ट्रेन ने 30 मिनट में 63 किमी का सफर तय किया। इसे देखने के लिए आसपास के गांवों से लोग पहुंचे थे।
बाहर से बुलेट ट्रेन और अंदर से हवाई जहाज की तरह दिखने वाली भारत में ही निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का पहली बार ट्रायल रन झांसी में हुआ तो मंडल का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। तीन दिन से चल रहे ट्रायल में सोमवार को ट्रेन अधिकतम गति 130 की रफ्तार से दौड़ाई गई। ट्रेन ने खजुराहो से महोबा के बीच का 63 किमी का सफर मात्र 30 मिनट में पूरा कर लिया।
रेल अधिकारियों की मानें तो यह ट्रायल सफल रहा है लेकिन ट्रेन आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) की कसौटी पर कितनी खरी उतरी है, यह ट्रायल रन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पहले ट्रेन को खजुराहो से महोबा तक 130 की रफ्तार से चलाया गया, फिर महोबा से खजुराहो 115 की गति से लौटी। इस दौरान ट्रेन के पहिए, कपलर, लोको पायलट कैब की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
वर्जन
वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल आरडीएसओ ही करा रहा है। हमारे ट्रैक की रफ्तार 130 किलाेमीटर प्रतिघंटा है। ट्रेन कितनी गति पर चलानी है, यह ट्रायल कराने वाले अधिकारी ही निर्धारित करते हैं। - मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी