झांसी। भले ही जिला पंचायत के सदन में बहुजन समाज पार्टी अल्पमत में है, बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर प्रत्याशी उतारने की पार्टी की पूरी तैयारी है। चुनाव को मजबूती से लड़ने के लिए बसपा ने विकल्प भी तय कर लिए हैं। निगाहें सपा खेमे में होने वाली गतिविधियों पर टिकी हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी की राजनीति गरमाई हुई है। 24 सदस्यीय जिला पंचायत में सपा के पास 16 सदस्य हैं। पार्टी के प्रदेशीय नेतृत्व ने पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा के परिवार की बहू प्रतिमा को प्रत्याशी बनाया है।
उधर बहुजन समाज पार्टी के सदन में केवल चार सदस्य ही हैं। बावजूद इसके, बसपा अध्यक्ष पद के चुनाव में पीछे नहीं हट रही है। निगाहें समाजवादी पार्टी के सदस्यों पर टिकी हैं। बसपा के बिहार /बुंदेलखंड प्रभारी व विधान परिषद सदस्य तिलक चंद्र अहिरवार का कहना है कि सपा ने प्रत्याशी भले ही घोषित कर दिया है, परंतु स्थानीय स्तर पर अब तक आम सहमति नहीं बन पाई है।
सपा के कई सदस्य बसपा के संपर्क में हैं। चुनाव में अपने सदस्यों में से प्रत्याशी बनाया जाएगा। विकल्प के रूप में सपा से आने वाले किसी सदस्य को भी पार्टी प्रत्याशी बना सकती है। बसपा पूरी ताकत के साथ पंचायत का चुनाव लड़ेगी। उनका कहना था कि 2000 के चुनाव में बसपा के पास सपा से कम सदस्य थे। बावजूद, उस चुनाव में बसपा प्रत्याशी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी।
सपने देख रही बसपा: सेरसा
झांसी। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संत सिंह सेरसा ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव जीतने का सपना देख रही है। जनता ने पंचायत चुनाव में सपा को पूर्ण बहुमत दिया है। सपा के सभी सोलह सदस्य एकजुट हैं। चुनाव में जीत पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की ही होगी। चुनाव के लिए जल्द ही पार्टी के प्रदेशीय नेतृत्व द्वारा चुनाव प्रभारी की तैनाती की जा रही है।
भाजपा में कोई रणनीति नहीं
झांसी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अब तक कोई रणनीति तैयार नहीं की है। पार्टी जिलाध्यक्ष अशोक राजपूत के अनुसार भाजपा अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। पार्टी का अपना प्रत्याशी उतारने की कोई तैयारी नहीं है। वोटिंग को लेकर नामांकन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मालूम हो कि चौबीस सदस्यीय जिला पंचायत में भाजपा के चार सदस्य हैं।