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खतरे में मासूम : छह साल के बच्चों का भी हो रहा फैटी लिवर, कइयों के फेल हो जाते हैं गुर्दे

Mon, 01 Aug 2022 12:50 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

बदलती जीवन शैली हर किसी को प्रभावित करती है, यही कारण है कि अब अन्य व्यक्तियों के साथ-साथ अब बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में हर साल छह से 15 साल तक के 15 से 20 बच्चों के लिवर फेल होने के मामले सामने आ रहे हैं  जो चिंता का विषय है।
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मोटापा - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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अगर आपके बच्चों को भूख कम लगती है और उसका खेलने का मन नहीं करता। पेट दर्द से लेकर थकान होने की समस्या बताता है, तो इसको हल्के में न लें। बच्चे को लिवर की समस्या हो सकती है। इन दिनों फास्ट फूड का बच्चे जमकर सेवन कर रहे हैं। हाल ये है कि झांसी में छह साल के बच्चों को भी फैटी लिवर की समस्या हो रही है। जब ये बीमारी बढ़ जाती है तो कई बच्चों का लिवर फेल हो जाता है। मेडिकल कॉलेज में हर साल छह से 15 साल तक के 15 से 20 बच्चों के लिवर फेल हो जाते हैं।

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बच्चों में फैटी लिवर के मामले 15 फीसदी बढ़े
इन दिनों जंक फूड बच्चों की पहली पसंद बन गया है। पौष्टिक भोजन की जगह बालक और किशोरों में पिज्जा, बर्गर से लेकर मैदा से बना फास्ट फूड खाने की आदत ज्यादा पड़ गई है। इनको बनाने में खूब तेल, मसाले का इस्तेमाल किया जाता है। लगातार जंक फूड खाने वाले बच्चों का वजन भी तेजी से बढ़ने लगता है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि पिछले पांच साल में छह से 15 साल के बच्चों में फैटी लिवर के मामले 15 फीसदी बढ़ गए हैं।

ओपीडी में आने वाले बच्चों की संख्या 15 प्रतिशत तक बढ़ गई
फैटी लिवर होने का मुख्य कारण मोटापा होता है। हर सौ में 25 से 30 बच्चे फैटी लिवर का शिकार होते हैं। इस बीमारी का शिकार हर सौ में एक से दो बच्चे को हेपेटाइटिस होने की आशंका रहती है। कोरोना काल में बच्चों में मोटापा की समस्या भी 30 फीसदी तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अब तो छह साल के बच्चे भी फैटी लिवर की समस्या लेकर आने लगे हैं। पिछले पांच सालों में इस बीमारी के साथ ओपीडी में आने वाले बच्चों की संख्या 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
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एक्सरसाइज शुरू करके फैटी लिवर की बीमारी हो सकती है ठीक
शुरूआत में बच्चों को ग्रेड वन या टू का फैटी लिवर होता है मगर ग्रेड तीन या चार तक पहुंचने पर लिवर में संक्रमण हो सकता है। बीमारी और बढ़ी तो लिवर काम करना बंद कर देता है। फिर बच्चे को पीलिया, शरीर में सूजन, सुस्ती से लेकर दौरे आने लगते हैं। हर साल कॉलेज में 15 से 20 बालक, किशोर लिवर फेल की समस्या लेकर आते हैं। डॉ. ओमशंकर के मुताबिक शुरूआती स्टेज में जंक फूड खाना बंद कर और एक्सरसाइज शुरू करके फैटी लिवर की बीमारी ठीक की जा सकती है। समस्या बढ़ने पर दवाएं शुरू की जाती हैं।

ब्लड फिल्टर से लेकर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता लिवर
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सपना गुप्ता ने बताया कि लिवर का काम ब्लड फिल्टर, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण, प्रोटीन बनाना आदि होता है। लिवर में दिक्कत आने से ये सब चीजें प्रभावित हो जाती हैं। इसलिए तला भुना व मसालेदार खाना, जंक फूड, अत्यधिक शुगर व नमक का सेवन करने से बचें।
क्या-क्या खाएं

  • - मौसमी फल
  • - हरी सब्जियां
  • - साबुत अनाज
  • - कम वसा वाले दुग्ध उत्पाद


ये हैं मामले
केस-1
उम्र छह साल और फैटी लिवर से परेशान

मसीहागंज निवासी छह साल के बच्चे का वजन 45 किलो हो गया। उसकी शारीरिक गतिविधियां कम हो गईं और सुस्त रहने लगा। लिवर में सूजन आने की वजह से उसको पेट में दर्द होना लगा। जांच कराई तो फैटी लिवर होने की जानकारी हुई। उसकी दवाएं शुरू होने के बाद राहत मिली।

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केस-2
आठ साल में हो गया दोगुनी उम्र के बराबर वजन
सिविल लाइन में रहने वाला आठ साल का बालक दिनभर फास्ट फूड खाता रहता था। स्कूल के टिफिन तक में अधिकतर जंक फूड ले जाता था। ऐसे में उसका वजन 55 किलो हो गया, जो कि औसतन 14-15 साल में होना चाहिए। डॉक्टर ने एक्सरसाइज, फास्ट फूड न खाने की सलाह दी है।

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